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भारत में डेब्यू करेगी बीयर बनाने वाली कंपनी, लेकर आ रही 6700 करोड़ IPO

दुनिया की 180 साल पुरानी बीयर बनाने वाली कंपनी भारत के शेयर बाजार में डेब्यू करने जा रही है. जी हां, भारत में कार्ल्सबर्ग एक पॉपुलर बीयर ब्रांड है. डेनमार्क की ये कंपनी 1847 में अस्तित्व में आई थी. मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, कार्ल्सबर्ग A/S अपनी भारतीय यूनिट के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के लिए इसी महीने ड्राफ्ट पेपर दाखिल करने की तैयारी कर रही है. इन लोगों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि इस संभावित लिस्टिंग से 700 मिलियन डॉलर (लगभग 6,700 करोड़ रुपए) तक जुटाए जा सकते हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के हवाले से सूत्रों ने बताया कि कार्ल्सबर्ग इस प्रस्तावित शेयर बिक्री के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी और जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी और सिटीग्रुप इंक. की लोकल यूनिट्स के साथ काम कर रही है.

कंपनी खुलकर बोलने को तैयार नहीं
इन लोगों के अनुसार, आईपीओ में डेनिश शराब कंपनी द्वारा सेकेंडरी शेयर बिक्री शामिल होने की उम्मीद है और यह इस साल के आखिर में हो सकता है. इस पर बातचीत चल रही है और ट्रांजेक्शन के साइज, स्ट्रक्चर और टाइमिंग जैसी डिटेल्स अभी भी बदल सकती हैं. कार्ल्सबर्ग के प्रतिनिधियों ने इस बात को दोहराने के अलावा कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि कंपनी शेयरहोल्डर वैल्यू बढ़ाने के विकल्पों पर विचार कर रही है, जिसमें IPO भी शामिल है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.

बैंकों ने टिप्पणी के अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया. दुनिया भर की शराब बनाने वाली कंपनियां भारत के तेजी से बढ़ती इकोनॉमी में शराब की बढ़ती खपत को देखते हुए अपने भारतीय ऑपरेशन्स से वैल्यू अनलॉक करने की कोशिश कर रही हैं. एब्सोल्यूट वोदका और चिवास रीगल स्कॉच व्हिस्की बनाने वाली कंपनी पेरनोड रिकार्ड SA भी अपने भारतीय बिजनेस की संभावित लिस्टिंग पर विचार कर रही है और उसने इस प्रोसेस के लिए एडवाइजर नियुक्त किए हैं.

भारत में 2007 से है कंपनी
कंपनी की एक प्रेजेंटेशन के अनुसार, कार्ल्सबर्ग इंडिया देश की दूसरी सबसे बड़ी शराब बनाने वाली कंपनी है, जिसकी मार्केट हिस्सेदारी लगभग 22 फीसदी है. अपनी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 2007 में भारत में स्थापित यह कंपनी देश भर में 14 ब्रुअरीज़ (शराब बनाने वाली यूनिट्स) चलाती है, जिनमें आठ कंपनी के स्वामित्व वाली और छह कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स शामिल हैं. कंपनी की सबसे करीबी लिस्टेड प्रतिस्पर्धी, यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड की मार्केट वैल्यू लगभग 3.6 बिलियन डॉलर है. पिछले एक साल में इसके शेयरों में लगभग 36 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि भारत के बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स में 8 फीसदी की गिरावट आई है.

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