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CG NEWS: कल्याणी इस्पात संयंत्र में करंट लगने से युवक की मौत, भड़के परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के एक प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थान कल्याणी इस्पात (Kalyani Ispat) में हुए दर्दनाक हादसे ने संयंत्रों में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। फैक्ट्री में काम करने के दौरान करंट की चपेट में आने से एक युवक की अकाल मौत हो गई। इस हादसे के बाद जहां फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई, वहीं मृतक के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने कंपनी प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

मिली जानकारी के अनुसार, संयंत्र में रोजाना की तरह काम चल रहा था, तभी अचानक युवक बिजली के हाई वोल्टेज तार या उपकरण की चपेट में आ गया। करंट का झटका इतना जबरदस्त था कि युवक वहीं अचेत होकर गिर पड़ा। आनंद-फानन में घायल युवक को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का गंभीर आरोप: घटना की भनक लगते ही मृतक के परिजन और भारी संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल और फैक्ट्री परिसर में एकत्रित हो गए। आक्रोशित लोगों का साफ कहना है कि कल्याणी इस्पात प्रबंधन द्वारा श्रमिकों को बुनियादी सुरक्षा उपकरण (जैसे ग्लव्स, इंसुलेटेड जूते आदि) मुहैया नहीं कराए जाते हैं। यदि समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते, तो इस मासूम युवक की जान बचाई जा सकती थी।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग, मौके पर पहुंची पुलिस

हादसे के बाद बढ़ते तनाव और हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

औद्योगिक सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और श्रमिक संगठनों ने इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।

फिलहाल, पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा विभाग इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या फिर सीधे तौर पर प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा था। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मुनाफे की अंधी दौड़ में फैक्ट्रियों के भीतर गरीब मजदूरों की जिंदगी को किस तरह दांव पर लगा दिया जाता है।

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