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EOW-ACB की बड़ी कार्रवाई: नगरीय प्रशासन विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर भगीरथी वर्मा गिरफ्तार, कोर्ट ने 10 दिनों की रिमांड पर भेजा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रही आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जांच एजेंसियों ने नगरीय प्रशासन विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर भगीरथी वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहाँ से कोर्ट ने उन्हें 10 दिनों की पुलिस रिमांड पर EOW-ACB को सौंप दिया है।

आधा दर्जन ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

मिली जानकारी के अनुसार, इस गिरफ्तारी की पटकथा चार दिन पहले ही लिख दी गई थी। EOW-ACB की संयुक्त टीमों ने छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में भगीरथी वर्मा से जुड़े लगभग आधा दर्जन ठिकानों पर एक साथ दबिश दी थी। इस व्यापक छापेमारी के दौरान जांच एजेंसियों को:

  • करोड़ों की अचल संपत्ति: बड़े पैमाने पर जमीनों, मकानों और अन्य अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले।
  • महत्वपूर्ण रिकॉर्ड: कई गुप्त निवेश और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अहम रिकॉर्ड जब्त किए गए।

इन दस्तावेजी साक्ष्यों को खंगालने और प्राथमिक पूछताछ के बाद, जब आरोपी अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, तो एजेंसी ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

रिमांड अवधि में होंगे कई बड़े खुलासे

विशेष अदालत से मिली 10 दिनों की रिमांड के दौरान अब EOW और ACB की टीम आरोपी पूर्व चीफ इंजीनियर से कड़ाई से पूछताछ करेगी। जांच का मुख्य केंद्र बिंदु निम्नलिखित रहेगा:

  1. आय से अधिक संपत्ति: वेतन और ज्ञात स्रोतों से इतर इतनी अकूत संपत्ति कहाँ से और कैसे आई?
  2. संदेहास्पद वित्तीय लेनदेन: छापेमारी में मिले दस्तावेजों के आधार पर पैसों के हेरफेर और रूट की पड़ताल।
  3. विभागीय अनियमितताएं: चीफ इंजीनियर के पद पर रहते हुए निविदाओं (टेंडर्स) और अन्य कार्यों में कथित गड़बड़ियों की जांच।

बड़े खुलासे की उम्मीद: प्रशासनिक गलियारों में इस गिरफ्तारी के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि 10 दिनों की विस्तृत पूछताछ में कई अन्य सफेदपोशों और करीबियों के नाम सामने आ सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।

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