डोंगरगढ़।
छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध धर्मनगरी डोंगरगढ़ में स्वच्छता व्यवस्था और सरकारी परिसरों की सुरक्षा को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। वार्ड क्रमांक-1 स्थित कन्या शाला स्कूल के पास बने ‘मणि कंचन केंद्र’ (कचरा संग्रहण केंद्र) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग सरकारी परिसर के भीतर खुलेआम बैठकर शराब पीते नजर आ रहे हैं। स्कूली छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है।
स्कूल के पास सरकारी परिसर में ‘मधुशाला’, सुरक्षा पर उठे सवाल
मणि कंचन केंद्रों का निर्माण शहर को साफ-सुथरा रखने और कचरा प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए किया गया है। लेकिन डोंगरगढ़ का यह केंद्र अब असामाजिक तत्वों का गढ़ बन चुका है।
छात्राओं और रहवासियों में डर:
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस सरकारी परिसर में शराबखोरी कोई एक दिन की बात नहीं है, बल्कि लंबे समय से असामाजिक तत्वों ने इसे अपना अड्डा बना रखा है। चूंकि यह केंद्र ‘कन्या शाला स्कूल’ के बिल्कुल पास स्थित है, इसलिए स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अभिभावक बेहद चिंतित और डरे हुए हैं।
नगर पालिका की लापरवाही उजागर
वीडियो वायरल होने के बाद नगर पालिका की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब नगर पालिका प्रशासन अपनी ही संपत्तियों की सुरक्षा करने में नाकाम है, तो वह पूरे शहर की व्यवस्था कैसे संभालेगा? लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर इतने लंबे समय से चल रही इन अनैतिक गतिविधियों पर जिम्मेदार अधिकारियों और सुपरवाइजरों की नजर क्यों नहीं पड़ी।
सीएमओ बोले— दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, नोटिस जारी
इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए डोंगरगढ़ नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) राजेश कुमार तिवारी ने कहा:
“वायरल वीडियो का मामला मेरे संज्ञान में आया है। यह बेहद गंभीर लापरवाही है। संबंधित केंद्र के प्रभारी को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आते ही जो भी कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति इसमें दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
कार्रवाई पर टिकी सबकी नजरें
धर्मनगरी में आस्था और शिक्षा के केंद्र के पास इस तरह की अनैतिक गतिविधियों ने प्रशासन की साख पर बट्टा लगाया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कोई कड़ी नजीर पेश करता है या हर बार की तरह मामला केवल कागजी नोटिस और जांच के फेर में दबा दिया जाता है। फिलहाल, आक्रोशित नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस केंद्र से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बंद नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।










