रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन सदन में राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति और खरीदारों को मिलने वाली सब्सिडी का मुद्दा गूंजा। कुरुद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर के सवाल पर वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने लिखित जवाब पेश किया। मंत्री ने स्वीकार किया कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बंपर बिक्री के बीच करोड़ों रुपये की सब्सिडी का भुगतान अभी भी लंबित है, जिसे क्लियर करने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है।
115 करोड़ से अधिक की सब्सिडी बकाया, सरकार ने बजट में रखा प्रावधान
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने सदन को बताया कि राज्य इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022 दिनांक 30 अगस्त 2022 से प्रभावी है। इस नीति के तहत 20 लाख रुपये तक के ई-वाहनों पर 10 प्रतिशत या अधिकतम 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि (सब्सिडी) देने का प्रावधान है।
सब्सिडी के आधिकारिक आंकड़े:
- कुल दावा: 15 जून 2026 तक राज्य में कुल 1,22,862 वाहनों के लिए 270.45 करोड़ रुपये की सब्सिडी बन रही थी।
- बकाया भुगतान: इसमें से 53,308 वाहनों के मालिकों को 115.77 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जाना अभी शेष है।
- सरकार की तैयारी: मंत्री ने बताया कि इस पेंडिंग सब्सिडी को बांटने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो वर्तमान में प्रक्रियाधीन है।
इन चार शहरों में दौड़ेंगी 240 ई-बसें
ई-व्हीकल इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए परिवहन मंत्री ने एक और बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि “प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना” के तहत छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख शहरों के लिए ई-बसों की मंजूरी मिल चुकी है:
- रायपुर: 100 ई-बसें
- दुर्ग-भिलाई: 50 ई-बसें
- बिलासपुर: 50 ई-बसें
- कोरबा: 40 ई-बसें
मंत्री के मुताबिक, इन शहरों में जैसे ही चार्जिंग और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाएगा, इन सभी 240 ई-बसों का संचालन तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।
थ्री-व्हीलर्स की बिक्री ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, कमर्शियल गाड़ियां पिछड़ीं
सदन में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर ई-वाहनों की मांग में जबरदस्त उछाल आया है, जबकि कमर्शियल गाड़ियों का मार्केट अभी सुस्त है:
| वाहन का प्रकार | तय लक्ष्य | हासिल किया | प्रगति (प्रतिशत में) |
| दो-पहिया (Two-Wheelers) | 84,000 | 1,05,234 | 125% |
| तीन-पहिया (Three-Wheelers) | 7,000 | 45,339 | 647% |
| चार-पहिया (निजी/Non-Commercial) | – | – | 142% |
| चार-पहिया (कमर्शियल/Commercial) | – | – | 16.70% |










