दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद हैरान और डरा देने वाला मामला सामने आया है। यहां खम्हरिया गांव स्थित ‘स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल’ में पिछले कुछ दिनों से छात्राओं के अचानक बेहोश होने का सिलसिला चल रहा है। पिछले तीन दिनों के भीतर स्कूल की 11 छात्राएं अजीब व्यवहार करते हुए बेहोश हो चुकी हैं। सोमवार को भी तीन बच्चियां इसी तरह अचानक गिर पड़ीं, जिसके बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। हालांकि, अस्पताल में इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई है, लेकिन इस रहस्यमयी घटना के पीछे की असली वजह अब तक सामने नहीं आ सकी है।
9 जुलाई से शुरू हुआ सिलसिला
स्कूल की प्रिंसिपल सुनीता दीवान ने बताया कि यह अजीबोगरीब सिलसिला बीते गुरुवार, 9 जुलाई से शुरू हुआ।
- पहला मामला: 9 जुलाई को गेम्स पीरियड के दौरान पांचवीं कक्षा की एक छात्रा पसीने से तरबतर हो गई। उसे सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द की शिकायत हुई और वह घबराकर बेहोश हो गई।
- असर: उसे इस हालत में देख स्कूल की 4 अन्य छात्राएं भी असामान्य व्यवहार करने लगीं और बेचैनी के चलते बेहोश हो गईं।
- दूसरा मामला (11 जुलाई): शनिवार को कक्षा 9वीं और 10वीं की 3 छात्राएं अचानक जोर से चिल्लाते हुए सहम कर गिर पड़ीं। उन्हें तत्काल शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जुनवानी में भर्ती कराया गया, जहां करीब तीन घंटे बाद सामान्य होने पर उन्हें छुट्टी दी गई।
- तीसरा मामला (13 जुलाई): सोमवार को एक बार फिर 3 छात्राएं घबराते हुए चिल्लाकर गिर पड़ीं। उन्हें देखकर स्कूल के बाकी बच्चे डरकर भागने लगे। चेहरे पर पानी छिड़कने के बाद उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से ठीक होने पर उन्हें घर भेज दिया गया।
पसीने से लथपथ और चेहरे पर घबराहट: बेहोश होने से ठीक पहले सभी छात्राओं में एक जैसे लक्षण दिख रहे हैं। वे अचानक पसीने से लथपथ हो जाती हैं, जोर-जोर से चिल्लाती हैं, बेहद सहम जाती हैं और फिर अर्ध-बेहोशी की हालत में चली जाती हैं।
ग्रामीण जता रहे अंधविश्वास की आशंका, एक्सपर्ट्स ने बताया ‘मनोवैज्ञानिक’
इस अजीब घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं और अंधविश्वास की बातें शुरू हो गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों की एक 8 सदस्यीय टीम अमित घोष के नेतृत्व में स्कूल पहुंची और छात्राओं व शिक्षकों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया।
शिक्षा अधिकारियों और विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोई अंधविश्वास या भूत-प्रेत का मामला नहीं है, बल्कि यह एक मनोवैज्ञानिक कारण (जैसे मास हिस्टीरिया या घबराहट का चेन रिएक्शन) हो सकता है, जिसमें एक बच्चे को देखकर बाकी बच्चे भी उसी मानसिक तनाव और डर का शिकार हो जाते हैं।
डॉक्टर भी हैरान, कारण स्पष्ट नहीं
दुर्ग जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अरविंद मिश्रा ने बताया कि वे खुद टीम के साथ अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने बताया,
“मैंने खुद बच्चियों से बात की है और उनका हाल जाना है। बच्चियां खुद नहीं समझ पा रही हैं कि उनके साथ क्या हो रहा है। राहत की बात यह है कि अस्पताल ले जाते-जाते वे सामान्य हो जाती हैं। डॉक्टर भी उनका स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक बता रहे हैं। अचानक ऐसा क्यों हो रहा है, इसके पुख्ता कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।”
फिलहाल सभी प्रभावित छात्राएं पूरी तरह स्वस्थ हैं, लेकिन इस घटना के बाद से स्कूल के अन्य बच्चों और पालकों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। प्रशासन स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है।










