बिलासपुर। छत्तीसगढ़ न्यायिक सेवा में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के 38 सिविल जजों (जूनियर डिवीजन) को सीनियर डिवीजन में पदोन्नत करने का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। लंबे समय से जूनियर डिवीजन में अपनी सेवाएं दे रहे इन न्यायिक अधिकारियों को अब नई और बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
इस प्रशासनिक फेरबदल और पदोन्नति का आधिकारिक आदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी किया गया है।
मार्च और अप्रैल की अलग-अलग तिथियों से प्रभावी होगी पदोन्नति
हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन सभी 38 न्यायिक अधिकारियों की पदोन्नति एक समान तारीख से नहीं, बल्कि अलग-अलग तिथियों से प्रभावी मानी जाएगी। आदेश में इस साल के मार्च और अप्रैल महीनों की विभिन्न तारीखों को पदोन्नति का प्रभावशील समय (Effective Date) माना गया है।
सीनियर डिवीजन के न्यायिक दायित्वों का करेंगे निर्वहन
जूनियर डिवीजन से सीनियर डिवीजन में प्रमोट किए गए ये सभी न्यायिक अधिकारी अब नए पदों पर कार्यभार संभालेंगे। पदोन्नति के बाद इन जजों को सीनियर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले अधिक गंभीर और विस्तृत न्यायिक दायित्वों एवं मामलों की सुनवाई का जिम्मा संभालना होगा।
बदलाव का असर कानूनी जानकारों के मुताबिक, इस बड़े पैमाने पर हुई पदोन्नति से निचली अदालतों में पेंडिंग मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और न्यायिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी। प्रमोट किए गए जजों की नई पदस्थापना सूची भी जल्द ही स्पष्ट रूप से सामने आएगी।








