रायपुर/राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ी लोक कला, रंगमंच और हास्य जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। प्रदेश के चहेते और प्रसिद्ध हास्य कलाकार, लेखक, गायक व रंगकर्मी रामू यादव का 15 जुलाई 2026 को 58 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से पूरे छत्तीसगढ़ी कला जगत, फिल्म उद्योग और उनके लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
रामू यादव का जन्म वर्ष 1968 में बिलासपुर जिले के छोटे से गांव छन्नौता में हुआ था। मिट्टी की सोंधी महक और छत्तीसगढ़ी संस्कृति को समेटे हुए रामू यादव ने साल 1984 के आसपास अपने कला जीवन की शुरुआत की थी।
शुरुआती संघर्षों के बाद उन्होंने अपनी सहज अभिनय शैली, बेजोड़ कॉमिक टाइमिंग और ठेठ छत्तीसगढ़ी लहजे के दम पर दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई। वे केवल एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक कुशल लेखक और सुरीले गायक भी थे। मंच पर उनका आते ही दर्शकों के चेहरों पर मुस्कान बिखर जाना उनकी सबसे बड़ी सफलता थी।
रामू यादव ने कई दशकों तक छत्तीसगढ़ी हास्य नाटकों, मंचीय प्रस्तुतियों और लोकगीतों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को जीवंत रखा। वे लंबे समय से राजनांदगांव में निवास कर रहे थे और यहीं से अपनी कलात्मक गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। उन्होंने नई पीढ़ी के कलाकारों को भी हमेशा प्रेरित और प्रशिक्षित किया।
रामू यादव के निधन की खबर मिलते ही सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ी कलाकारों, राजनेताओं और प्रशंसकों द्वारा उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी जा रही है। हर कोई अपनी सहज मुस्कान से सबको गुदगुदाने वाले इस महान कलाकार को याद कर रहा है।
अंतिम विदाई: रामू यादव का पार्थिव देह अंतिम दर्शन के लिए राजनांदगांव स्थित उनके निवास पर रखा गया है, और आज (16 जुलाई) राजनांदगांव में ही उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान व कला जगत की उपस्थिति में किया जाएगा।









