धमतरी। जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिलौटी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक छात्र द्वारा अपने 18 सहपाठियों को दांत से काटने की घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। छात्र को तीन वर्ष पहले कुत्ते के काटने की चर्चा के चलते रेबीज को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगीं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की जांच में रेबीज की आशंका पूरी तरह खारिज कर दी गई है।
स्कूल प्रबंधन के अनुसार कक्षा 11वीं के छात्र ने पिछले एक सप्ताह के दौरान अलग-अलग समय पर 18 सहपाठियों को काट लिया। शुरुआत में इसे सामान्य शरारत समझा गया, लेकिन घटनाएं बढ़ने पर स्कूल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी।
एहतियात के तौर पर सभी 18 छात्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोर्रा ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। चिकित्सकों की सलाह पर सभी को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई। वहीं संबंधित छात्र को जिला अस्पताल भेजकर विशेषज्ञों से स्वास्थ्य जांच और काउंसलिंग कराई गई।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. जे.पी. दीवान ने बताया कि जांच में छात्र में रेबीज का कोई लक्षण नहीं मिला। उन्होंने कहा कि रेबीज के मरीज में पानी से डर, तेज रोशनी और आवाज से परेशानी, भोजन निगलने में कठिनाई तथा मानसिक बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, लेकिन छात्र पूरी तरह सामान्य पाया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. यू.एल. कौशिक ने बताया कि तीन वर्ष पहले कुत्ते के काटने के बाद छात्र का पूरा एंटी-रेबीज टीकाकरण कराया जा चुका था। जांच के दौरान 18 छात्रों में से केवल एक छात्र की पीठ पर दांत के दो हल्के निशान पाए गए।
काउंसलिंग के दौरान छात्र ने बताया कि कबड्डी खेल में हारने के बाद उसने मजाक और शरारत के तौर पर अपने दोस्तों को काटना शुरू किया था। डॉक्टरों ने उसे मानसिक रूप से स्वस्थ बताया है। अब शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन इस मामले को अनुशासन और व्यवहार से जोड़कर देख रहे हैं तथा छात्र की नियमित काउंसलिंग कराई जाएगी।
प्रशासन ने अभिभावकों और आम लोगों से अपील की है कि इस मामले को लेकर किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।









