रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाले दोहरे हत्याकांड का मामला सामने आया है। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड में एक बुजुर्ग दंपति की टांगी (कुल्हाड़ी) से बेरहमी से हत्या कर दी गई। इसके बाद साक्ष्य मिटाने और हत्या को महज एक ‘हादसा’ साबित करने के लिए लाशों को घर के सामान के साथ आग के हवाले कर दिया गया।
रायगढ़ पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए फॉरेंसिक (FSL) जांच, ह्यूमन इंटेलिजेंस और पुलिस डॉग ‘रूबी’ की मदद से इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 72 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
सुबह काम पर पहुंचे नौकर ने देखा खौफनाक मंजर
यह पूरी वारदात 14 जुलाई 2026 की रात की है। घटना का खुलासा अगले दिन 15 जुलाई की सुबह तब हुआ, जब मृतकों के घर काम करने वाला कर्मचारी रामलाल चौहान वहां पहुंचा।
- धुआं और लाशें: रामलाल ने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था और अंदर एक कमरे से गहरा धुआं निकल रहा था। जब वह कमरे के भीतर गया तो वहां मंगल राठिया (65 वर्ष) और उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया (55 वर्ष) के अधजले शव पड़े हुए थे।
- पुलिस की त्वरित कार्रवाई: इसकी सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एसडीओपी सिद्धांत तिवारी, थाना प्रभारी राजेश जांगड़े समेत भारी पुलिस बल, एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 189/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।
सोची-समझी साजिश: कत्ल के बाद घर में लगाई आग
पुलिस विवेचना में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को बहुत ही शातिराना अंदाज में अंजाम दिया था। दोनों भाइयों ने पहले बुजुर्ग दंपति पर टांगी से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतारा। इसके बाद कत्ल को शॉर्ट सर्किट या एक्सीडेंट का रूप देने के लिए शवों के ऊपर घर में रखे कपड़े, सोफा कवर और अन्य सामान डालकर आग लगा दी। आरोपियों ने घर के दो अन्य कमरों में भी आग लगा दी थी ताकि पूरा मकान जलकर खाक हो जाए और सारे सबूत मिट जाएं।
खोजी कुतिया ‘रूबी’ ने 2013 के जमीन विवाद से सुलझाई मर्डर मिस्ट्री
इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में पुलिस डॉग ‘रूबी’ (स्निफर डॉग) की भूमिका सबसे अहम रही। घटनास्थल पर छूटी कातिलों की टांगी की गंध सूंघकर डॉग रूबी सीधे संदेही श्याम लाल राठिया के घर जाकर रुक गई। इसके बाद पुलिस ने जब कड़ियों को जोड़ा, तो दोनों परिवारों के बीच 13 साल पुराना जमीन विवाद सामने आया।
क्या था हत्या का कारण?
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वर्ष 2013 में उन्होंने एक जमीन खरीदी थी। लेकिन मूल जमीन मालिक ने अधिक पैसे मिलने के लालच में वही जमीन बाद में मंगल राठिया को बेच दी थी। हालांकि आरोपियों को उनकी रकम वापस मिल गई थी, लेकिन मंगल राठिया द्वारा उसी जमीन पर मकान बनाकर खेती करने की बात दोनों भाइयों को खटक रही थी। इसी पुरानी रंजिश के चलते उन्होंने दंपति को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया।
दो सगे भाई गिरफ्तार, हथियार बरामद
पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया:
- श्याम लाल राठिया (32 वर्ष)
- जीवन लाल राठिया (48 वर्ष)
कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम (निशानदेही) पर हत्या में इस्तेमाल की गई टांगी और घटना के वक्त पहने गए खून से सने कपड़े बरामद कर जब्त कर लिए हैं।
एसएसपी की अपील: कानून का रास्ता अपनाएं, आवेश में न आएं
इस बड़ी कामयाबी पर रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने धरमजयगढ़ पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग रूबी के प्रयासों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा:
“भूमि विवाद या आपसी रंजिश का समाधान हमेशा कानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए। क्षणिक आवेश में आकर उठाया गया कोई भी हिंसक कदम न केवल बेगुनाहों की जिंदगी छीन लेता है, बल्कि आरोपी और उसके पूरे हंसते-खेलते परिवार का भविष्य भी हमेशा के लिए तबाह कर देता है।”









