जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के मनोरा वनपरिक्षेत्र से रेस्क्यू का एक अनोखा और दिलचस्प मामला सामने आया है। यहाँ के गजमा गांव में एक जंगली भालू पके हुए कटहल की खुशबू से आकर्षित होकर पेड़ पर तो चढ़ गया, लेकिन वहां शिकारियों द्वारा लगाए गए जीआई तार के फंदे में फंस गया। पेड़ पर भालू के फंसे होने की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और जीएनडब्ल्यूएस (GNWS) की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची और एक बड़ा अभियान शुरू किया।
कटहल की खुशबू खींच लाई, लेकिन फंदे ने जकड़ा
वन अधिकारियों के मुताबिक, गर्मियों और बारिश के इस मौसम में कटहल के पेड़ों पर फल लदे हुए हैं। गजमा गांव के एक बाड़ी में लगे कटहल के पेड़ से आ रही तेज खुशबू के फेर में आकर एक भालू जंगल से भटककर वहां पहुंच गया। भालू तेजी से पेड़ पर चढ़ गया और कटहल खाने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान पेड़ की डालियों के बीच जंगली जानवरों के शिकार के लिए लगाए गए तार के फंदे (Snare) में उसका पैर या शरीर का हिस्सा फंस गया। भालू ने खुद को छुड़ाने की बहुत कोशिश की, लेकिन फंदा और कसता चला गया।
घंटों चली मशक्कत, ट्रैंक्विलाइज कर पेड़ से उतारा सुरक्षित
पेड़ पर भालू के रोने और छटपटाने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए, जिन्होंने तुरंत इसकी जानकारी वन विभाग को दी।
- रेस्क्यू ऑपरेशन: भालू काफी आक्रामक और डरा हुआ था, इसलिए उसे सीधे उतारना खतरनाक था। एक्सपर्ट्स की टीम ने कई घंटों की भारी मशक्कत और पूरी सावधानी के साथ डार्ट के जरिए भालू को बेहोश (Tranquilize) किया।
- सुरक्षित रेस्क्यू: भालू के बेहोश होने के बाद टीम के सदस्यों ने पेड़ पर चढ़कर रस्सी के सहारे उसे बेहद सुरक्षित तरीके से टहनी से नीचे उतारा। इस दौरान भालू को देखने के लिए आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी, जिसे नियंत्रित करने में वन कर्मियों को काफी पसीना बहाना पड़ा।
मेडिकल चेकअप के बाद वापस जंगल में छोड़ा
पेड़ से नीचे उतारे जाने के बाद मौके पर मौजूद पशु चिकित्सकों (Veterinary Doctors) की टीम ने भालू का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया।
स्वास्थ्य स्थिति: डॉक्टरों ने बताया कि समय रहते रेस्क्यू होने के कारण भालू को कोई गंभीर अंदरूनी चोट नहीं आई थी और उसकी शारीरिक स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई। भालू का होश लौटने और स्थिति पूरी तरह स्थिर होने के बाद वन विभाग की टीम ने उसे पिंजरे की मदद से उसके प्राकृतिक आवास यानी घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया है।
वन विभाग की ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
इस घटना के बाद वन परिक्षेत्राधिकारी ने ग्रामीणों को सख्त हिदायत और अपील जारी की है। उन्होंने कहा है कि मानसून के मौसम में जंगली जानवर भोजन और फलों की तलाश में बस्तियों का रुख करते हैं। ऐसे में यदि कोई भी जंगली जानवर गांव या बाड़ी के आसपास दिखाई दे, तो ग्रामीण खुद उसके पास जाने या उसे भगाने की कोशिश न करें। वन्यजीवों को देखने के लिए भीड़ लगाने से वे हिंसक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना से बचा जा सके। वहीं, पुलिस और वन विभाग की टीम पेड़ पर तार का फंदा लगाने वाले अज्ञात शिकारियों की भी तलाश कर रही है।









