रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पंडरी थाना क्षेत्र से ऑनलाइन ठगी और हनीट्रैप का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ स्नैपचैट (Snapchat) पर एक युवती बनकर युवक से प्रेम प्रसंग का नाटक रचा गया और झांसे में लेकर करीब 65 हजार रुपये ऐंठ लिए गए। इस साइबर ठगी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित युवक युवती से मिलने उसके गांव पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्नैपचैट पर ‘थनवी’ बनकर अमन ने बिछाया जाल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित घनश्याम साहू मूल रूप से बिलासपुर जिले के केवटाडीह (भुतहा) का निवासी है। वर्तमान में वह रायपुर की दुबे कॉलोनी स्थित सर्वोदय अस्पताल के हॉस्टल में रहता है और वहीं रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करता है।
- 24 दिसंबर 2025: घनश्याम की पहचान स्नैपचैट पर ‘थनवी साहू’ नाम की एक आईडी से हुई।
- प्रेम का नाटक: आरोपी ने खुद को युवती बताकर घनश्याम से मीठी-मीठी बातें शुरू कीं और धीरे-धीरे उसका भरोसा जीतकर प्रेम संबंध का झांसा दिया।
- पैसों की मांग: विश्वास में लेने के बाद कथित युवती ने अपनी निजी परेशानियों का हवाला देकर पैसों की मांग शुरू कर दी।
4 महीने में कई किस्तों में ट्रांसफर कराए ₹65,000
आरोपी के झांसे में आकर घनश्याम लगातार उसकी आर्थिक मदद करता रहा। उसने 24 दिसंबर 2025 से 27 अप्रैल 2026 के बीच अपने यूपीआई (UPI) अकाउंट से अलग-अलग किस्तों में कुल 65,000 रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
गांव पहुंचते ही खुला राज: प्रेमिका की जगह निकला ‘अमन’
ठगी का सबसे हैरान कर देने वाला मोड़ तब आया जब घनश्याम ने अपनी कथित प्रेमिका से मिलने का फैसला किया। वह थनवी साहू से मिलने गरियाबंद जिले के बासीन गांव पहुंच गया।
वहां जाकर जब उसने तस्दीक की, तो उसके होश उड़ गए। घनश्याम को पता चला कि जिस थनवी साहू नाम की लड़की से वह महीनों से बात कर रहा था, वास्तव में उस आईडी का इस्तेमाल अमन साहू नाम का एक युवक कर रहा था। अमन ने युवती की पहचान और तस्वीरों का दुरुपयोग कर घनश्याम को अपने जाल में फंसाया था।
साइबर हेल्पलाइन और थाने में शिकायत दर्ज
खुद के साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी का अहसास होने के बाद पीड़ित घनश्याम ने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उसने पंडरी थाने पहुंचकर लिखित आवेदन दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई: पंडरी थाना पुलिस अब आरोपी तक पहुंचने के लिए शिकायत में दिए गए मोबाइल नंबरों, यूपीआई ट्रांजेक्शन (UPI Transactions), संबंधित बैंक खातों के विवरण और डिजिटल साइबर ट्रेल की सघन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।









