Trendingखेलबड़ी खबर

स्पेन ने फीफा WC में अर्जेंटीना को हराया, ये जीत US-इजराइल के लिए झटका

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को हराकर शानदार जीत दर्ज की है. लेकिन कूटनीतिक नजरिए से देखें तो स्पेन की यह जीत सिर्फ खेल की जीत नहीं है, बल्कि इसे अमेरिका और इजराइल के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है. आइए समझते हैं कि फुटबॉल के इस महामुकाबले के तार ग्लोबल पॉलिटिक्स से कैसे जुड़े हैं…

  1. नेतन्याहू ने किया अर्जेंटीना का खुला सपोर्ट

इस फाइनल मैच पर पूरी दुनिया की नजरें थीं, लेकिन इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुले तौर पर अर्जेंटीना का समर्थन किया. इसकी वजह बेहद साफ है. अर्जेंटीना के मौजूदा राष्ट्रपति जेवियर माइली इजराइल और अमेरिका के कट्टर समर्थक हैं. वहीं दूसरी तरफ, स्पेन की सरकार इजराइल की सबसे बड़ी आलोचकों में से एक रही है. हाल ही में स्पेन ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश के तौर पर आधिकारिक मान्यता दी है और गाजा में इजराइली सैन्य कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है. इजराइल चाहता था कि उसका समर्थक देश जीते, लेकिन स्पेन के चैंपियन बनने से नेतन्याहू को मायूसी हाथ लगी.

  1. ईरान पर हमले का विरोधी रहा है स्पेन

स्पेन की सरकार सिर्फ फिलिस्तीन के मुद्दे पर ही नहीं, बल्कि ईरान के मामले में भी अमेरिका और इजराइल से अलग रुख रखती है. अमेरिका और इजराइल हमेशा से ईरान पर कड़े प्रतिबंध और जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई की वकालत करते हैं. लेकिन स्पेन ने हमेशा ईरान पर किसी भी तरह के सैन्य अटैक का कड़ा विरोध किया है और मिडिल ईस्ट में शांति और कूटनीतिक बातचीत पर जोर दिया है. स्पेन का यह स्वतंत्र रवैया अमेरिका को अक्सर चुभता रहा है.

  1. ट्रंप के जुबानी हमले और मजबूरी में देनी पड़ी ट्रॉफी

यह वर्ल्ड कप अमेरिका की मेजबानी में खेला गया है. ट्रंप अक्सर स्पेन की वामपंथी नीतियों, मध्य-पूर्व पर उनके स्टैंड और नाटो (NATO) बजट को लेकर स्पेन पर जुबानी हमले करते रहे हैं. लेकिन जिस स्पेन की नीतियों को अमेरिका कोसता रहा, उसी स्पेनिश टीम को अमेरिका की धरती पर मेजबान होने के नाते ट्रंप को अपने हाथों से वर्ल्ड कप की चमचमाती ट्रॉफी सौंपनी पड़ी. यह तस्वीर अमेरिका के लिए एक अजीब सी असहजता बयां कर रही थी. इसलिए फाइनल मैच सिर्फ दो बेहतरीन फुटबॉल टीमों का मुकाबला नहीं रह गया था, बल्कि यह दो अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं का प्रॉक्सी वॉर बन गया था.

Related Posts

रायपुर में भिड़े भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता: वाटर कैनन और आंसू गैस का हुआ इस्तेमाल; बिलासपुर में पुतला दहन

रायपुर/बिलासपुर। दिल्ली में NEET पेपर लीक को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन की आंच अब…

CG Cabinet Decisions: साय कैबिनेट के बड़े फैसले: अग्निवीरों को भर्ती में 10% आरक्षण, उर्वरक व्यवस्था के लिए बनेगी उपसमिति

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित राज्य…

1 of 423