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महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के फर्जी पासपोर्ट का खुलासा, क्रिकेटर अजंता मेंडिस से मिलता-जुलता नाम दर्ज

नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ओमान में गिरफ्तारी के बाद उसके कथित फर्जी पासपोर्ट को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या उसने इसी फर्जी पहचान के जरिए ओमान में प्रवेश किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सौरभ के कथित इंडोनेशियाई पासपोर्ट में फोटो तो उसी की है, लेकिन नाम श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर अजंता मेंडिस से मिलता-जुलता दर्ज है। पासपोर्ट में नाम ‘Ajanta Mendis’ लिखा गया है, जबकि श्रीलंकाई क्रिकेटर का नाम ‘Ajantha Mendis’ है। दोनों नामों में अंग्रेजी के सिर्फ एक अक्षर का अंतर है।

कथित इंडोनेशियाई पासपोर्ट का नंबर E3387986 बताया जा रहा है। इसमें जन्मतिथि 11 मार्च 1998 दर्ज है और पासपोर्ट 21 जून 2024 को जारी किया गया है, जिसकी वैधता 21 जून 2034 तक दिखाई गई है। हालांकि जांच एजेंसियां इस दस्तावेज की सत्यता और इसके इस्तेमाल की पूरी जानकारी जुटा रही हैं।

ओमान में पहले होगी फर्जी पासपोर्ट मामले की जांच

अधिकारियों के अनुसार, फर्जी दस्तावेज का मामला सौरभ चंद्राकर को भारत लाने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। ओमान के कानून के तहत पहले वहां फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेजों से जुड़े आरोपों की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध पर आगे फैसला हो सकता है।

भारत सरकार और जांच एजेंसियां भारत-ओमान प्रत्यर्पण संधि के तहत उसे वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी हैं।

2023 से था फरार, इंटरपोल ने जारी किया था रेड कॉर्नर नोटिस

सौरभ चंद्राकर 2023 से भारतीय एजेंसियों की पकड़ से बाहर था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहा है। एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए हजारों करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया गया।

जांच के दौरान एजेंसियां सौरभ और उसके सहयोगियों से जुड़ी कई संपत्तियां भी अटैच कर चुकी हैं।

अलग-अलग दस्तावेजों में अलग जन्मतिथि

जांच में यह भी सामने आया है कि सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगी रवि उप्पल ने कथित तौर पर वानूआतू की नागरिकता हासिल की थी। वहां के दस्तावेजों में सौरभ की जन्मतिथि 13 जनवरी 1995 दर्ज बताई गई है, जबकि कथित इंडोनेशियाई पासपोर्ट में जन्मतिथि 11 मार्च 1998 है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अलग-अलग नाम और जन्मतिथि का इस्तेमाल किसी साजिश के तहत किया गया था या नहीं।

क्रिकेटर अजंता मेंडिस से कोई संबंध नहीं

फर्जी पासपोर्ट में इस्तेमाल किए गए नाम को लेकर जांच की जा रही है कि श्रीलंकाई क्रिकेटर से मिलता-जुलता नाम क्यों चुना गया। हालांकि पूर्व क्रिकेटर अजंता मेंडिस का इस मामले से कोई संबंध नहीं है। सिर्फ उनके नाम से मिलता-जुलता नाम कथित दस्तावेज में इस्तेमाल किया गया है।

अजंता मेंडिस श्रीलंका के पूर्व स्टार स्पिनर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी रहस्यमयी गेंदबाजी और कैरम बॉल के लिए प्रसिद्ध रहे हैं।

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