कोलकाता: भारतीय घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। रेप, मारपीट और धमकी देने के एक गंभीर मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस को क्रिकेटर को तुरंत गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने जांच अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पोरेल के सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस को तुरंत जब्त किया जाए, ताकि किसी भी तरह से आपत्तिजनक सामग्री या तस्वीरें सार्वजनिक न हो सकें।
हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी और निर्देश
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने पुलिस को जांच में अत्यधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी क्रिकेटर के पास पीड़िता की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें हो सकती हैं, जिन्हें अगर सार्वजनिक किया गया तो पीड़िता की छवि को गहरा नुकसान पहुंच सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस की जब्ती: वकीलों की मांग पर कोर्ट ने पोरेल के सभी फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइसेस को कब्जे में लेने का आदेश दिया।
पुलिस की रिपोर्ट: कलकत्ता पुलिस के वकील सुरजनिल दास ने अदालत को बताया कि 6 जुलाई को हुगली के मोगरा पुलिस स्टेशन के प्रभारी से संपर्क किया गया था, जहां से पीड़िता के पास मौजूद एक पेन ड्राइव को पहले ही जब्त कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला पिछले महीने जून में सामने आया था, जब एक मेडिकल छात्रा ने हुगली जिले के मोगरा पुलिस स्टेशन में अभिषेक पोरेल के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी।
पीड़िता द्वारा लगाए गए मुख्य आरोप:
शादी का झूठा वादा: शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाना।
मारपीट और धमकी: जून में पीड़िता के साथ मारपीट करना, डराना-धमकाना।
तस्वीरें वायरल करने की धमकी: आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देना।
19 गंभीर धाराओं में केस दर्ज
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य के आदेश के अनुसार, क्रिकेटर के खिलाफ कुल 19 धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें कई गैर-जमानती (Non-Bailable) धाराएं शामिल हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने पुलिस को ढिलाई न बरतने की चेतावनी दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को तय की गई है।








