लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. इस बार भी उनके निशाने पर गृह मंत्री अमित शाह हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों पर हमले का आदेश किसने दिया, अमित शाह सामने आएं और इसका जवाब दें. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “सवाल यह नहीं था कि अमित शाह संसद में आकर कुछ आम विषयों पर भाषण देंगे. सवाल हमेशा यह रहा है कि अमित शाह को यह साफ करना होगा कि दिल्ली में हमारे युवाओं पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था. पेलेट गन चलाई गईं, छात्रों को कील लगी लाठियों से पीटा गया. उन्हें साफ-साफ बताना चाहिए. क्या उन्होंने इसका आदेश दिया था या नहीं?”
राहुल गांधी ने कहा कि अगर उन्होंने आदेश दिया था, तो हमारे बच्चों पर गोली चलवाने के लिए वे दोषी हैं. और अगर उन्हें इस घटना के बारे में पता नहीं था, तो वे अयोग्य हैं. दोनों ही सूरतों में, उन्हें पद छोड़ देना चाहिए. यही चर्चा का विषय था. राहुल ने कहा कि शाह का जवाब देना होगा, अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. दूसरी बात है कि जो हुआ है उसके लिए प्रधानमंत्री माफी मांगें.
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में PM मोदी को घेरा
राहुल गांधी ने कहा कि तीसरी बात राम मंदिर में चोरी का मुद्दा था. प्रधानमंत्री के बहुत करीबी लोगों ने राम मंदिर में चोरी की है. इस पर पीएम मोदी को जवाब देना चाहिए. ये तीन मुद्दे हैं. तो अब अमित शाह अचानक कह रहे हैं कि वे बोलने को तैयार हैं. हमें उनकी मनगढ़ंत बातों में कोई दिलचस्पी नहीं है. हमें इस बात में दिलचस्पी है कि क्या उन्होंने हमारे बच्चों पर गोली चलाने का आदेश दिया था या नहीं. सबसे पहले, उन्हें यह बात पूरी तरह साफ करनी चाहिए. उसके बाद ही किसी चर्चा का सवाल उठता है. यही स्थिति है, और विपक्ष यही मांग कर रहा है. हम पिछले 15 दिनों से यही मांग कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, “अमित शाह में संसद में आकर हमारे सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं है. पिछले 15 दिनों में उन्होंने यही दिखाया है. न तो पीएम मोदी और न ही अमित शाह में हिम्मत है.”
झारखंड में छात्रों पर बल प्रयोग गलत
झारखंड में छात्रों को प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि प्रदेश सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करना चाहिए. झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल का इस्तेमाल गलत है. छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है. राहुल ने कहा कि झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए.










