कोरबा। जिस कर्मचारी पर बिजली व्यवस्था संभालने और फॉल्ट की शिकायत दूर करने की जिम्मेदारी थी, उसी ने कथित तौर पर विभाग की चलती विद्युत लाइन को निशाना बना दिया। मामला कोरबा के बालको क्षेत्र का है, जहां फ्यूज कॉल सेंटर में काम करने वाले एक संविदाकर्मी ने अपने साथियों के साथ मिलकर बिजली के 800 मीटर से ज्यादा एल्युमिनियम कंडक्टर तार पर हाथ साफ कर दिया।
चोरी किए गए तार की कीमत करीब 1.5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। शातिरों ने बिजली के सीमेंट खंभों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। तार चोरी होने के बाद बालको क्षेत्र के कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही।
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने फ्यूज कॉल सेंटर में काम करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पांच खंभे तोड़े, 800 मीटर तार गायब
घटना पाड़ीमार जोन के बालको क्षेत्र स्थित राखड़ डेम इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात लाइनमैन परदेशीराम साहू इलाके में पेट्रोलिंग पर निकले थे।
अंबेडकर चौक भदरापारा के आगे राखड़ डेम क्षेत्र में पहुंचने पर उनकी नजर एक टूटे हुए बिजली के खंभे पर पड़ी। खंभे के साथ बिजली का तार भी जमीन पर पड़ा था।
जांच करने पर पता चला कि मामला सिर्फ एक खंभे तक सीमित नहीं था। करीब पांच सीमेंट के खंभों से 800 मीटर से अधिक एल्युमिनियम कंडक्टर तार गायब था।
निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारी तो उड़ गए होश
बिजली लाइन काटे जाने की जानकारी मिलते ही पाड़ीमार जोन के सहायक अभियंता कृष्ण कुमार जोशी मौके पर पहुंचे। वहां बिजली के खंभों और काटे गए तारों की स्थिति देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल बालको थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने चोरी और विद्युत लाइन को नुकसान पहुंचाने के मामले में जांच शुरू की।
शक की सुई फ्यूज कॉल सेंटर के कर्मचारी पर
जांच के दौरान पुलिस को फ्यूज कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों पर भी शक हुआ। पुलिस ने भदरापारा अंबेडकर चौक निवासी गगन टंडन पिता महावीर टंडन को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, कड़ाई से पूछताछ करने पर गगन ने कथित तौर पर वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथी वासु सांडे उर्फ चिंटू पिता मोहन लाल को भी पकड़ लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया तार भी बरामद कर लिया है।
विभाग को ही लगा दिया लाखों का चूना
जिस विभाग में काम करते हुए आरोपी को इलाके की बिजली व्यवस्था और लाइन की जानकारी थी, उसी जानकारी का कथित तौर पर फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया।
आरोपियों ने बिजली के खंभे तोड़े, लाइन से तार काटे और उसे लेकर फरार हो गए। इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा और बालको क्षेत्र के कई इलाकों में घंटों अंधेरा छा गया।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात में कुल कितने लोग शामिल थे और चोरी किए गए तार को कहां खपाने की योजना थी।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का तार बरामद कर लिया है। वहीं मामले में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
इस घटना ने बिजली विभाग में काम करने वाले संविदाकर्मियों की भूमिका और विभागीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर चलती बिजली लाइन के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने इतनी बड़ी चोरी को कैसे अंजाम दिया, पुलिस जांच में इसका भी पता लगाया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।










