कांकेर
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान के बीच अब गिरफ्तार किए जा चुके नक्सलियों के मामलों में अदालती कार्रवाई तेज हो गई है। इसी कड़ी में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने उत्तर बस्तर के सबसे खूंखार और डीकेएससीजेड (DKSZC) रैंक के नक्सली कमांडर प्रभाकर और डीवीसीएम (DVCM) रैंक की उसकी पत्नी राजे कांगे समेत कुल 5 नक्सलियों को सजा सुनाई है। नक्सल खात्मे के इस दौर में किसी बड़े नक्सली लीडर को सजा मिलने का यह अपने आप में पहला मामला है।
प्रभाकर को 7 साल और अन्य को 5-5 साल की कैद
अदालत ने सुनवाई के बाद नक्सली लीडर प्रभाकर और उसकी पत्नी राजे कांगे को 7-7 साल की सजा सुनाई है, जबकि इस मामले में शामिल शेष अन्य तीन नक्सलियों को 5-5 साल के कारावास की सजा दी गई है।
2015 के सर्चिंग पार्टी हमले से जुड़ा है मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला साल 2015 का है। उस वक्त कोरर क्षेत्र में सुरक्षा बलों की सर्चिंग पार्टी पर नक्सलियों ने जानलेवा हमला किया था। इस घटना के बाद प्रभाकर और राजे कांगे सहित कई नक्सलियों के खिलाफ संगीन धाराओं में अपराध दर्ज किया गया था।
नक्सलवाद के खात्मे के काउंटडाउन के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली थी, जब साल 2024 में पहले प्रभाकर और उसके कुछ समय बाद उसकी पत्नी राजे कांगे को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों से लंबी पूछताछ की और पुख्ता साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में चालान पेश किया था, जिसके आधार पर अब अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
दोनों पर दर्ज हैं करीब 60 गंभीर अपराध: एसपी
एसपी निखिल राखेचा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इन दोनों कुख्यात नक्सलियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब 60 गंभीर अपराध दर्ज हैं। साल 2015 की कोरर मुठभेड़ में इन दोनों बड़े नक्सली लीडरों की संलिप्तता और उपस्थिति के पुख्ता सबूत अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे।
गौरतलब है कि गिरफ्तार किया गया नक्सली प्रभाकर 25 लाख रुपए का इनामी था, जबकि उसकी पत्नी राजे कांगे पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस की इस कानूनी और प्रभावी पैरवी को बस्तर क्षेत्र में न्याय की दिशा में एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।










