रायपुर। खमतराई थाना क्षेत्र में करीब दो साल पहले हुई महिला की हत्या की गुत्थी पुलिस ने डीएनए साक्ष्य के जरिए सुलझा ली है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में से एक महिला के साथ मनिहारी सामान बेचने का काम करता था। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी शराब पीने के बाद महिला के पास शराब मांगने पहुंचे थे। महिला के शराब देने से इनकार करने पर उन्होंने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
उत्तर डीसीपी दीपमाला कश्यप के अनुसार, मृतका की पहचान लता साहू (40) के रूप में हुई है। हत्या के आरोप में रावांभाठा निवासी मनहरण सारंग, मुंगेली निवासी राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू और दुर्ग के वैशाली नगर निवासी राजू मंडल उर्फ बंगाली को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, तीनों ने 21 अगस्त 2024 को वारदात को अंजाम दिया था।
शराब देने से मना किया तो कर दी हत्या
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लता साहू ट्रांसपोर्ट नगर के खुले मैदान में झोपड़ी बनाकर रहती थी। घटना वाले दिन तीनों आरोपी वहीं बैठकर शराब पी रहे थे। शराब खत्म होने के बाद वे महिला के पास शराब मांगने पहुंचे।
महिला ने शराब देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उसे जमीन पर पटक दिया। एक आरोपी ने उसका मुंह और गला दबाया, जबकि दूसरे ने उसकी छाती पर बैठकर उसके हाथ-पैर दबा दिए। संघर्ष के दौरान महिला ने आरोपियों को नोंचा, जिससे उनके जैविक साक्ष्य महिला के नाखूनों में रह गए।
नाखून में मिले जैविक साक्ष्य बने अहम सुराग
घटना के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान महिला की साड़ी पर खून के धब्बे और नाखूनों में तीन अलग-अलग जैविक साक्ष्य मिले। इन्हें सुरक्षित रख लिया गया, लेकिन शुरुआती जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। काफी समय तक जांच में सफलता नहीं मिलने पर प्रकरण की जांच बंद कर दी गई थी। बाद में पुलिस ने पुराने मामले को फिर से खंगालते हुए महिला के संपर्क में रहने वाले लोगों और संदिग्धों की जानकारी जुटानी शुरू की।
चोटी के डीएनए से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस को राजेश पाल उर्फ चोटी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। घटना के बाद से उसके फरार रहने की बात सामने आई। पूछताछ में उसने घटना में शामिल होने से इनकार किया और घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं होने के संबंध में पुलिस को कथित तौर पर गलत साक्ष्य देने की कोशिश की।
पुलिस ने उसके ब्लड सैंपल का डीएनए परीक्षण कराया। जांच में महिला के नाखून से सुरक्षित किए गए जैविक साक्ष्य और राजेश के डीएनए का मिलान हो गया। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की, जिसके आधार पर अन्य दोनों आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
एक आरोपी हत्या के मामले में काट चुका है सजा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में राजू मंडल उर्फ बंगाली का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। वह चोरी के दो मामलों के अलावा हत्या के मामले में भी जेल जा चुका है। पुलिस के अनुसार, उसने वर्ष 2014 से 2023 तक बेमेतरा जेल में सजा काटी थी।
वहीं, मनहरण सारंग के खिलाफ पूर्व में मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और अवैध वसूली का मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
20 दिन की जांच में सुलझी गुत्थी
दो साल पुराने इस अंधे कत्ल की जांच पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। पुलिस ने करीब 20 दिन तक नए सिरे से जांच करते हुए पुराने साक्ष्यों, संदिग्धों और उनके संपर्कों की पड़ताल की। महिला के नाखून में सुरक्षित जैविक साक्ष्य की डीएनए जांच आरोपियों तक पहुंचने में सबसे अहम कड़ी साबित हुई। इसके आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया गया।










