रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 आम जनता की समस्याओं के समाधान का माध्यम बन रही है। इस हेल्पलाइन के जरिए नागरिक घर बैठे सरकारी विभागों से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 के बीच हेल्पलाइन पर 2,31,850 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 2,05,996 से अधिक मामलों का निराकरण किया जा चुका है। इस तरह शिकायतों के निपटारे की दर 88.85 प्रतिशत बताई गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बिना वास्तविक समाधान के शिकायत बंद करने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
42 विभागों से जुड़ी है सीएम हेल्पलाइन 1076
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 9 जून 2026 को मंत्रालय महानदी भवन में सीएम हेल्पलाइन 1076 का शुभारंभ किया था। इसका उद्देश्य नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने, सुझाव देने और सरकारी योजनाओं के संबंध में फीडबैक साझा करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है।
यह व्यवस्था टोल-फ्री नंबर 1076 और व्हाट्सएप के माध्यम से नागरिकों को अपनी समस्याएं शासन तक पहुंचाने की सुविधा देती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 42 विभागों के लगभग 8,000 अधिकारियों को इस प्रणाली से जोड़ा गया है। करीब 1,195 शिकायत श्रेणियों के तहत मामलों को दर्ज कर समय-सीमा में निराकरण का प्रावधान किया गया है।
यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता है या समस्या का निराकरण नहीं होता, तो शिकायत को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी है।
88.85 प्रतिशत शिकायतों का हुआ निराकरण
9 जून से 15 अक्टूबर 2026 के बीच सीएम हेल्पलाइन पर 2,31,850 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 2,05,996 से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया। इस दौरान हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 1,500 से 2,000 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी दी गई।
शिकायतों की निगरानी और विभागों के साथ समन्वय के जरिए समस्याओं को समय पर सुलझाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य शिकायतों का निपटारा केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तविक रूप से नागरिकों को राहत पहुंचाकर करना है।
मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 16 अक्टूबर 2026 को नवा रायपुर में सीएम हेल्पलाइन 1076 के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिला कलेक्टरों और नागरिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फीडबैक लेकर शिकायतों के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। बिना वास्तविक समाधान के शिकायत बंद करने और निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
इसी क्रम में कबीरधाम जिले के पिपरिया तहसीलदार को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में हेल्पलाइन का प्रचार-प्रसार बढ़ाने तथा शिकायतों के आंकड़ों का विश्लेषण कर नागरिक सेवाओं में सुधार करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता से फोन पर की बात
हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली का जायजा लेने के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कॉल सेंटर का निरीक्षण किया और तकनीकी व्यवस्थाओं के साथ शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने रायपुर निवासी पूनाराम ठाकरे से फोन पर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने आय प्रमाण पत्र से जुड़े उनके आवेदन की समस्या जानी और उसके त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया।
हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम पंचायतों, राशन दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों का भी सहयोग लिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को अपनी शिकायतों के लिए जिला मुख्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
दिव्यांग दीपक पाल को मिली ट्राइसाइकिल
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खोंगापानी निवासी दिव्यांग दीपक पाल ने आवागमन में परेशानी के चलते सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग ने पहल की। इसके तहत दीपक पाल को कलेक्टर कार्यालय परिसर में ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई। इससे उन्हें दैनिक कार्यों को पूरा करने और आने-जाने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
तपकरा में 15 दिन से बाधित जलापूर्ति हुई बहाल
जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम तपकरा निवासी ओम प्रकाश ने 26 अगस्त 2026 को गांव में पेयजल संकट को लेकर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। बताया गया कि मोटर और पाइपलाइन से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण लगभग 15 दिनों से जलापूर्ति प्रभावित थी, जिससे करीब 200 परिवार परेशान थे।
शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने ग्राम पंचायत के माध्यम से रेट्रो जल प्रदाय योजना के तहत नया मोटर लगवाया। इसके बाद गांव में पानी की आपूर्ति बहाल कर दी गई। शिकायतकर्ता की संतुष्टि की भी पुष्टि की गई।
अवैध रेत भंडारण के मामले में 50,578 रुपये का अर्थदंड
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मटियाडांड और मोहारीटोला क्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन से मिली शिकायत के आधार पर खनिज विभाग ने कार्रवाई की।
जांच के दौरान शासकीय भूमि पर लगभग 30 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत का अवैध भंडारण सामने आने की जानकारी दी गई। विभागीय टीम ने निरीक्षण के बाद संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। मामले में 50,578 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। निर्धारित राशि जमा होने के बाद प्रकरण का नियमानुसार प्रशमन किया गया।
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को अवैध खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़ी शिकायतों की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए।
शौचालय की प्रोत्साहन राशि तीन दिन में खाते में पहुंची
सुकमा जिले की ग्राम पंचायत बुड़दी निवासी विष्णु बघेल ने व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय का निर्माण पूरा कर लिया था, लेकिन दस्तावेजी औपचारिकताएं अधूरी रहने के कारण उन्हें प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पा रही थी।
कई महीनों तक इंतजार करने के बाद उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच की और 21 अगस्त को लंबित औपचारिकता पूरी कराई। 24 अगस्त को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से राशि उनके बैंक खाते में जमा कर दी गई।
समस्या का निराकरण होने पर विष्णु बघेल ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।
आवारा मवेशियों के गले में लगाए गए रेडियम बेल्ट
रायपुर जिले के माना बस्ती, विकासखंड धरसींवा निवासी अंशु कुमार ने सड़क पर आवारा गाय-बैलों के विचरण से दुर्घटनाओं की आशंका को लेकर सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत की थी।
शिकायतकर्ता ने मवेशियों की दृश्यता बढ़ाने के लिए उनके गले में रेडियम बेल्ट लगाने की मांग की थी। इस पर शासकीय पशु चिकित्सालय, माना बस्ती की ओर से मवेशियों को रेडियम बेल्ट पहनाए गए।
इस पहल से रात के समय वाहन चालकों को सड़क पर मौजूद मवेशी दूर से दिखाई देने और संभावित दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आम जनता के लिए कैसे उपयोगी है सीएम हेल्पलाइन 1076?
सीएम हेल्पलाइन 1076 के जरिए नागरिक सरकारी विभागों से जुड़ी समस्याओं और योजनाओं के लाभ में आ रही बाधाओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस व्यवस्था में शिकायतों की निगरानी, विभागीय कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर उच्च अधिकारियों तक मामला पहुंचाने का प्रावधान है।
हालांकि, हेल्पलाइन की प्रभावशीलता का आकलन केवल शिकायतों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके वास्तविक निराकरण और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि से भी किया जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने भी अधिकारियों को इसी दिशा में काम करने और शिकायतों के निपटारे में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।










