रायपुर। छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच शासन और प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। प्रदेशभर में जारी हड़ताल के बीच अब तक 50 से अधिक पटवारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस कार्रवाई की जद में छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप भी आ गए हैं। शासन ने उन्हें भी निलंबित कर दिया है।
पटवारियों के खिलाफ अलग-अलग जिलों में प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। हड़ताल और मुख्यालय में अनुपस्थित रहने के मामलों को लेकर अधिकारियों ने निलंबन के आदेश जारी किए हैं।
कोरबा में जिलाध्यक्ष मिथिलेश वर्मा निलंबित
मिली जानकारी के मुताबिक, कोरबा जिले में राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष और दर्री तहसील में पदस्थ पटवारी मिथिलेश वर्मा को कलेक्टर ने निलंबित कर दिया है।
वहीं बलरामपुर और वाड्रफनगर क्षेत्र में मुख्यालय में उपस्थित नहीं रहने और हड़ताल जारी रखने के मामले में पांच पटवारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
प्रदेशभर में 50 से अधिक पटवारियों पर कार्रवाई
बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में प्रशासन ने हड़ताल को लेकर कार्रवाई की है। अब तक 50 से अधिक पटवारियों के निलंबन की जानकारी सामने आई है।
इस कार्रवाई में पटवारी संघ के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न तहसीलों में पदस्थ कर्मचारी भी शामिल हैं। प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप के निलंबन के बाद पटवारी संघ और शासन के बीच विवाद और बढ़ने की आशंका है।
13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं पटवारी
गौरतलब है कि प्रदेशभर के पटवारी 13 अक्टूबर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण राजस्व विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम प्रभावित हो रहे हैं।
इसमें आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, नामांतरण, सीमांकन सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों पर असर पड़ रहा है।
लगातार जारी हड़ताल के बीच अब प्रशासन ने निलंबन की कार्रवाई तेज कर दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में पटवारी संघ और शासन के बीच गतिरोध बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।









