कोंडागांव। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के मंच पर कोंडागांव पुलिस के जवानों ने अपनी गायकी से ऐसा समां बांधा कि पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जंगलों में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण ड्यूटी निभाने वाले जवान जब मंच पर माइक थामकर देशभक्ति के गीत गाने लगे, तो दर्शक उनकी प्रतिभा के मुरीद हो गए।
वर्दी में सुरक्षा, मंच पर संगीत का जादू
आमतौर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा में तैनात रहने वाले पुलिस जवान राज्योत्सव में एक अलग ही अंदाज में नजर आए। देशभक्ति से ओतप्रोत उनके गीतों में मातृभूमि के प्रति समर्पण और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा साफ झलका। उनकी शानदार प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया।
जवानों के हुनर ने दिया खास संदेश
कोंडागांव पुलिस के जवानों की इस प्रस्तुति ने साबित किया कि वर्दी के पीछे सिर्फ एक जिम्मेदार पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि कला और संगीत से जुड़ी कई प्रतिभाएं भी छिपी होती हैं। कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभाने के साथ जवानों का सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेना उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाता है।
बदलते बस्तर की दिखी सकारात्मक तस्वीर
लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित रहे बस्तर संभाग में शांति, विश्वास और सामान्य जनजीवन को मजबूत करने के प्रयासों के बीच राज्योत्सव जैसे आयोजन खास महत्व रखते हैं। सांस्कृतिक मंच पर पुलिस जवानों की यह भागीदारी सुरक्षा व्यवस्था से आगे बढ़कर समाज और संस्कृति से उनके जुड़ाव को भी प्रदर्शित करती है।
कोंडागांव पुलिस के जवानों की इस प्रस्तुति ने राज्योत्सव की खुशियों में देशभक्ति का रंग भर दिया और दर्शकों को उनकी प्रतिभा का एक नया रूप देखने का अवसर दिया।










