MP News: दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने जनसुनवाई के दौरान शिकायत मिलने पर पटवारी को जमकर फटकार लगाई. जिलाधिकारी ने पटवारी को तुरंत सस्पेंड करने के आदेश दिए और कहा कि नया पटवारी नेताओं के लिए नहीं, जनता के लिए काम करने वाला होना चाहिए. वहीं, गौशाला निरीक्षण में अनियमितता मिलने पर एक सीनियर वेटनरी डॉक्टर को नोटिस थमाया है.
कलेक्टर बुधवार को बसई पहुंचे. यहां समस्याएं सुनने के दौरान ग्रामीणों ने पटवारी शैलेंद्र शर्मा की शिकायत की. कहा कि पटवारी नेताओं के दबाव में काम करते हैं. पटवारी ने एक सार्वजनिक नाली को लेकर भी कलेक्टर को गलत जानकारी दी.
इस पर कलेक्टर भड़क गए और अपने अधीनस्थ अधिकारियों से बोले, ”इसको अभी तुरंत सस्पेंड करो. ये नौकरी में नहीं रहेगा. और जो भी नया पटवारी आएगा, वो अच्छा समझदार आएगा. ऐसे नहीं आएंगे कि जो नेताओं के लिए काम करते हैं. मैंने जब बोला है तो मेरा आदेश का पालन होना चाहिए.
कलेक्टर ने पटवारी से कहा, ”अगर पुलिसवाले बोल रहे हैं, सब लोग बोल रहे हैं कि नाली थी वहां और तुम बोल रहे हो कि नाली नहीं थी. नेताओं के लिए काम नहीं करते हम, जनता के लिए काम करते हैं. जनता के लिए काम करना चाहिए. तुम्हें समझ नहीं आता है. अब ऑर्डर जारी कर रहे हैं.”
बसई के शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित जन-निवारण शिविर में कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े सीधे आम नागरिकों के बीच पहुंचे. उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और तुरंत संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए.
इस दौरान ग्राम पंचायत कामद में संचालित गौशाला में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया. निरीक्षण के दौरान गौशाला में लगभग 60 गौवंश पाए गए, जबकि संबंधित अधिकारी की ओर से 85 गौवंश होने की जानकारी दी गई थी.
गौशाला में लापरवाही पर वेटनरी डॉक्टर को नोटिस
इस गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने सीनियर पशु चिकित्सक डॉ. एमएस परिहार को ‘कारण बताओ सूचना पत्र’ जारी किया है. अधिकारी को 3 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का समय दिया गया है. जवाब संतोषजनक न होने पर एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
इस लापरवाही को पदीय दायित्वों के विपरीत एवं गंभीर कदाचार की श्रेणी में मानते हुए कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े ने वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. एमएस परिहार को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है. अधिकारी को 3 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का समय दिया गया है. जवाब संतोषजनक न होने पर एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.









