दंतेवाड़ा। जिला मुख्यालय में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कलेक्टर कार्यालय के पास सुकमा जिले के जगरगुंडा में पदस्थ SDOP (DSP) तोमेश वर्मा पर दिनदहाड़े चाकू से हमला कर दिया गया। इस हमले में DSP के चेहरे और गले के पास गंभीर चोट आई है, हालांकि डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत अब स्थिर और खतरे से बाहर है।
पुराने विवाद से जुड़ा है मामला
पुलिस जांच में सामने आया है कि हमले के पीछे पुराना विवाद कारण बना। हमले में शामिल महिला वही है, जिसने वर्ष 2024 में DSP तोमेश वर्मा पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस मामले में जांच और सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने DSP को दोषमुक्त कर दिया था। बताया जा रहा है कि इसी फैसले से महिला नाराज़ थी और बदला लेने की भावना से उसने अपने साथी के साथ मिलकर हमले की साजिश रची।
ऐसे दिया गया हमले को अंजाम
19 दिसंबर को DSP तोमेश वर्मा सुकमा से दंतेवाड़ा कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के सिलसिले में आए थे। दोपहर करीब 2:30 बजे वे शहर के एक बाइक शोरूम के सामने अपनी गाड़ी से उतरे। इसी दौरान एक महिला उनसे बातचीत करने लगी। बातचीत के बीच अचानक पीछे से उसके साथी रमाशंकर साहू ने चाकू से हमला कर दिया।
हमले में DSP घायल हो गए, लेकिन उन्होंने साहस दिखाते हुए हमलावर को पकड़ लिया। आसपास मौजूद लोगों ने भी तुरंत मदद की और आरोपी को काबू में कर लिया। कुछ ही देर में दंतेवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
कौन हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार, महिला और उसका साथी रमाशंकर साहू दुर्ग जिले के मोहननगर के रहने वाले हैं। रमाशंकर साहू एक सेवानिवृत्त फौजी बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने एक दिन पहले ही DSP की गतिविधियों की रेकी की थी और पूरी योजना बनाकर दंतेवाड़ा पहुंचे थे।
हत्या की नीयत से किया गया हमला
दंतेवाड़ा पुलिस का कहना है कि यह हमला पूरी तरह से पूर्व नियोजित था और आरोपियों का इरादा DSP की हत्या करने का था। घटना के बाद दोनों को सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
DSP की हालत स्थिर
घायल DSP तोमेश वर्मा को तुरंत दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने समय पर इलाज कर उनकी जान बचाई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर DSP की सेहत की जानकारी ली।










