छत्तीसगढ़ में आमजन को स्वच्छ, सुरक्षित और पोषण युक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में विभाग ने दुर्ग संभाग सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में मिलावटी और एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की जांच और नष्ट करने की कार्रवाई की।
दुर्ग संभाग में जिला दुर्ग से 17, राजनांदगांव-खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से 11, बेमेतरा से 16, बालोद से 18 और कवर्धा से 8 विधिक नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विशेषकर फूटा चना में मिलाये जाने वाले अखाद्य रंग और मिलावटी पनीर पर सख्त कार्रवाई की गई। उदाहरण के तौर पर रौनक इंटरप्राइजेस, राजनांदगांव में 460 किलो मिलावटी पनीर मौके पर नष्ट किया गया। विशाल मेगा मार्ट, राजनांदगांव में एक्सपायरी प्रोडक्ट पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया।मेसर्स गोपी डेयरी एण्ड स्वीट्स, रायपुर से 200 किलो मिठाई मौके पर नष्ट और 900 किलो खोवा कलाकंद/कृष्णा बर्फी जब्त किया गया, जिसका मूल्य ,75,000 रुपये है।
इसके अलावा मिलावटी पनीर की व्यापक जांच में एस.जे. डेयरी, निमोरा से 4450 किलो पनीर, फर्म काशी एग्रो फूड, बिरगांव से 500 किलो एनालॉग कॉटेज, फर्म विवान फूड, मलसाय तलाब से 500 किलो पनीर, कुल मूल्य लगभग 14,63,500 रुपये जब्त किया गया और नमूने प्रयोगशाला भेजे गए।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और नियम 2011 के तहत रिपोर्ट आने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, ड्राई फ्रूट और चॉकलेट जैसे अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं।










