अंबिकापुर। शहर के चोरकाकछार क्षेत्र में स्थित वनभूमि को निजी जमीन बताकर 41 लोगों को बेचने वाले मास्टरमाइंड मोहम्मद रशीद (50) को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी रनपुरखुर्द, बेनीपुर, तकियापारा का निवासी है। पुलिस ने आरोपित के पास से जमीन से जुड़े कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच में पता चला कि उसने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जला दिए थे।
यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने चोरकाकछार स्थित बेशकीमती वनभूमि पर अतिक्रमण की शिकायत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी से की थी। शिकायत के बाद शासन स्तर से जांच के निर्देश जारी किए गए थे।
वन विभाग की जांच में मकान बनाकर रह रहे लोगों से वैध जमीन स्वामित्व दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद जून 2025 में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की गई।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उस समय और उसके बाद मोहम्मद रशीद ने उन्हें लगातार डराया-धमकाया और दबाव डाला कि वे जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज उसे सौंप दें। पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 201 के तहत मामला दर्ज किया।
शिकायत में बताया गया कि करीब 15-20 साल पहले पीड़ित किराए के मकानों में रहकर मजदूरी करते थे, उसी दौरान आरोपी ने उन्हें लालच दिया कि उसकी जमीन उपलब्ध है और कम दाम में खरीदी जा सकती है। पीड़ितों ने भरोसा कर लगभग डेढ़-डेढ़ लाख रुपये देकर छोटे-छोटे भूखंड खरीदे। आरोपी ने नियमविरुद्ध अनुबंध पत्र और स्टाम्प पेपर भी दिए।
पीड़ितों का कहना है कि उनकी शिक्षा और मजबूरी का फायदा उठाकर धोखाधड़ी की गई। आरोपी से पूछताछ में उसने किसी भी जमीन या पट्टा संबंधी दस्तावेज की पुष्टि नहीं की।









