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Balod Jamboree Event: राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी पर छिड़ा ‘पावर वार’, बृजमोहन अग्रवाल पहुंचे हाईकोर्ट; जानें क्या है पूरा विवाद

रायपुर: छत्तीसगढ़ में 9 जनवरी से होने वाले राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी (National Rover Ranger Jamboree) के आयोजन को लेकर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचा हुआ है। एक तरफ स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का खेमा आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है, वहीं दूसरी ओर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को भारत स्काउट गाइड का वैधानिक अध्यक्ष बताते हुए इस आयोजन को स्थगित करने का ऐलान कर दिया है। मामला अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की दहलीज पर पहुंच गया है।

बृजमोहन अग्रवाल की हाईकोर्ट में याचिका: “हटाने का प्रस्ताव असंवैधानिक”

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी ही सरकार के कुछ फैसलों को चुनौती दी है। याचिका के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि वे भारत स्काउट गाइड की राज्य परिषद के निर्वाचित अध्यक्ष हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही पक्ष रखने का मौका मिला। सांसद ने जंबूरी आयोजन में 10 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का गंभीर आरोप लगाते हुए इसे रद्द करने की घोषणा की है। अग्रवाल के अनुसार, आयोजन नवा रायपुर में होना था, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर इसे बालोद शिफ्ट कर दिया गया।


मंत्री बनाम सांसद: अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर टकराव

विवाद का मुख्य केंद्र ‘अध्यक्ष’ पद की दावेदारी है। 13 दिसंबर 2025 को जारी एक आदेश के बाद यह विवाद तब भड़का जब स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को स्काउट्स एंड गाइड का पदेन अध्यक्ष मनोनीत बताया गया। दूसरी ओर, बृजमोहन अग्रवाल का तर्क है कि उन्होंने 5 जनवरी को बतौर अध्यक्ष जंबूरी की बैठक ली थी, इसलिए उनके पास ही फैसले लेने का वैधानिक अधिकार है। यह टकराव अब सरकार और संगठन के बीच खींचतान का रूप ले चुका है।


प्रशासन का पक्ष: “तय समय पर ही होगा आयोजन”

विवादों के बीच छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड परिषद के मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी 9 से 13 जनवरी 2026 तक दुधली (जिला बालोद) में ही आयोजित होगी। टेंडर घोटाले के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सभी काम GeM पोर्टल के जरिए पारदर्शी तरीके से किए गए हैं। आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और इसका शुभारंभ राज्यपाल द्वारा किया जाएगा।


    क्या होगा आयोजन का भविष्य?

    सांसद बृजमोहन अग्रवाल की याचिका पर हाईकोर्ट की सुनवाई जल्द होने की उम्मीद है। यदि कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करता है या स्थगन आदेश (Stay Order) देता है, तो 9 जनवरी से शुरू होने वाले इस भव्य आयोजन पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं। फिलहाल, बालोद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग अपनी तैयारियों में जुटा हुआ है।


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