छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष और पीसीसी चीफ दीपक बैज ने आज राजधानी रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश सरकार की धान खरीदी, गरियाबंद की घटना और बजट पर सवाल उठाए।
दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बंद कर दी, जिससे लाखों किसान आज भी अपने धान बेचने से वंचित रह गए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में धान खरीदी सिर्फ 53 दिन ही चल पाई, जबकि घोषित लक्ष्य 165 लाख मीट्रिक टन था। लेकिन सरकार केवल 139 लाख 85 हजार मीट्रिक टन धान ही खरीद पाई, यानी लगभग 25 लाख मीट्रिक टन कम खरीदी गई।
बैज ने कहा कि पिछले साल की तुलना में भी खरीदी कम हुई, और 5 लाख से अधिक किसान पोर्टल पर पंजीकरण ही नहीं कर पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों के साथ हमेशा बदले की भावना से काम किया और किसानों के प्रति उसका रवैया सही नहीं था।
पीसीसी चीफ ने आगे कहा कि कई किसानों ने अतिसंवेदनशील हालात और समर्थन मूल्य की कमी के कारण आत्महत्या की, और इसका जिम्मेदार सरकार ही है। उन्होंने कड़ा सवाल उठाया कि क्यों सरकार ने लक्ष्य से कम धान खरीदी करने के बाद भी जश्न मनाया और खुद को बधाई दी।
बैज ने कहा कि 29 जिलों में धान की खरीदी पिछले साल की तुलना में कम हुई, और यह किसानों के साथ भद्दा मजाक है। उन्होंने सरकार से किसानों से माफी मांगने और यह बताने की मांग की कि धान कम खरीदी का कारण क्या है। दीपक बैज का कहना है कि प्रदेश की जनता और किसान इस सरकार के रवैये को कभी नहीं भूलेंगे।








