बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल मोर्चे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। दशकों तक बस्तर की वादियों में आतंक का पर्याय रहा सीनियर माओवादी कमांडर पापा राव अपने 17 साथियों के साथ मुख्यधारा में लौटने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, आज बीजापुर में वह पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर सकता है।
कौन है पापा राव?
पापा राव माओवादियों की सबसे शक्तिशाली विंग दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) का सक्रिय सदस्य है। इसे बस्तर में नक्सली मूवमेंट का मास्टरमाइंड माना जाता है। इसके ऊपर शासन की ओर से लाखों (अनुमानित 25 लाख से अधिक) का इनाम घोषित है। यह मुख्य रूप से दक्षिण बस्तर और इंद्रावती नदी के आसपास के इलाकों में सक्रिय रहा है। इसके खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड में 40 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें बड़े हमले और आईडी ब्लास्ट शामिल हैं।
माना जा रहा है कि बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ‘नियत नेल्लानार’ और आक्रामक ऑपरेशनों के कारण नक्सली नेतृत्व पूरी तरह टूट चुका है। रसद की कमी और बड़े कैडरों के सफाए के बीच पापा राव का सरेंडर करना माओवादी संगठन के लिए एक अपूरणीय क्षति होगी।
हालांकि बीजापुर पुलिस और प्रशासन की ओर से अभी तक इस सरेंडर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन गलियारों में यह चर्चा तेज है कि पापा राव अपने दल-बल के साथ आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी कर रहा है।










