बहुचर्चित जितेंद्र पाल हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। करीब तीन साल से फरार चल रहे तीन आरोपियों को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुरानी रंजिश के चलते जितेंद्र पाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
22 से ज्यादा बार किया गया था हमला
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने जितेंद्र पाल पर 22 से 23 बार चाकू से वार किए थे, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे और लगातार अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग राज्यों में रह रहे थे।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में फेन्टा उर्फ फिरन्ता पारधी, मनोज उईके और ईशु उईके शामिल हैं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस कर कार्रवाई की।
मास्टरमाइंड पहले ही पकड़ा जा चुका
इस मामले का मुख्य आरोपी (मास्टरमाइंड) रवि उईके को पहले ही जबलपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका था, जिसे बाद में रायपुर पुलिस को सौंप दिया गया था। जांच में सामने आया कि मृतक ठेकेदारी का काम करता था और पुराने विवाद के चलते इस हत्या की साजिश रची गई थी।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
तिल्दा थाना में इस मामले में हत्या सहित कई गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से लंबे समय से लंबित इस मामले में अहम प्रगति हुई है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।










