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CG NEWS: नक्सल मोर्चे पर तैनात बीएसएफ जवान की आत्महत्या; खुद को मारी गोली

नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह हृदयविदारक घटना अबूझमाड़ क्षेत्र के सोनपुर थाना अंतर्गत होरादी स्थित जन सुविधा एवं सुरक्षा कैंप में हुई, जहां जवान मोर्चा ड्यूटी पर तैनात था।

मृतक जवान की पहचान कांस्टेबल सचिन कुमार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के ग्राम सिंगरोली के निवासी थे। लंबे समय से माओवादी हिंसा से जूझते इस संवेदनशील क्षेत्र में तैनात सचिन कुमार की यह अचानक मौत ने न केवल सुरक्षाबलों को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि प्रशासन के सामने मानसिक स्वास्थ्य और ड्यूटी संबंधी दबावों जैसे मुद्दों को भी उजागर कर दिया है।

घटना की पूरी जानकारी

सूत्रों के अनुसार, गुरुवार सुबह कैंप में ड्यूटी के दौरान जवान ने अचानक अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सोनपुर थाना पुलिस, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी और नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया मौके पर पहुंचे। एसपी गुड़िया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में किसी बाहरी साजिश या हमले के संकेत नहीं मिले हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, और रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारण स्पष्ट होंगे।

पुलिस ने मर्ग दर्ज कर लिया है, जबकि बीएसएफ की आंतरिक जांच टीम भी सक्रिय हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि जवान के सहयोगियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। हाल के दिनों में जवान के व्यवहार, पारिवारिक जीवन या ड्यूटी से जुड़े किसी तनाव की पड़ताल की जा रही है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती सुरक्षाबलों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होती है। लगातार खतरे, अलगाव और पारिवारिक दूरी जैसे कारक अक्सर मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालते हैं। हालांकि, फिलहाल आत्महत्या के पीछे कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। एसपी गुड़िया ने कहा, “हम हर पहलू की गहन जांच कर रहे हैं। यह एक संवेदनशील मामला है, और हम पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।” सूत्रों का कहना है कि जवान के मोबाइल फोन और निजी सामान की भी जांच की जा रही है, ताकि कोई पत्र या संदेश मिल सके जो वजह का संकेत दे।

प्रतिक्रियाएं और आगे की कार्रवाई

इस घटना ने स्थानीय स्तर पर चिंता की लहर पैदा कर दी है। बीएसएफ अधिकारियों ने मृतक के परिवार को सूचित कर दिया है और शव को जल्द से जल्द उत्तर प्रदेश भेजने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, कैंप में अन्य जवानों के मनोबल को बनाए रखने के लिए काउंसलिंग सत्र आयोजित करने की योजना है।

नारायणपुर जिला, जो अबूझमाड़ के घने जंगलों के कारण नक्सलियों का गढ़ माना जाता है, में ऐसी घटनाएं सुरक्षाबलों के लिए एक चेतावनी हैं। पिछले वर्षों में भी इसी तरह की कुछ घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं, जो दर्शाती हैं कि शारीरिक सुरक्षा के साथ-साथ मानसिक समर्थन की भी उतनी ही जरूरत है।

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