रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया को दूसरी बार गिरफ्तार किया है। ईडी ने दावा किया है कि सौम्या को घोटाले से जुड़े 115 करोड़ रुपये मिले थे। गिरफ्तारी के बाद विशेष कोर्ट ने उन्हें दो दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है।
मंगलवार को ईडी ने पूछताछ के लिए सौम्या चौरसिया को तलब किया था। पूछताछ के दौरान भिलाई के कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल और कथित तांत्रिक केके श्रीवास्तव से मिली जानकारी के आधार पर ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया। विशेष कोर्ट में पेशी के दौरान जज ने सौम्या को 19 दिसंबर तक ईडी रिमांड पर सौंपने का आदेश दिया।
हवाला के जरिए भेजे 72 करोड़
कोर्ट में बहस के दौरान ईडी की ओर से अधिवक्ता डॉ. सौरभ पाण्डेय ने बताया कि सौम्या चौरसिया को लक्ष्मीनारायण बंसल के माध्यम से कुल 115 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। इसमें से 72 करोड़ रुपये कथित रूप से केके श्रीवास्तव के जरिए हवाला के माध्यम से भेजे गए। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह रकम किसे ट्रांसफर की गई।
ईडी ने यह भी बताया कि सौम्या की डायरी से 43.50 करोड़ रुपये की एंट्रियां मिली हैं। एजेंसी के मुताबिक सौम्या कोयला घोटाले की भी मुख्य आरोपितों में से एक हैं।
287 दिन बाद फिर जेल
सौम्या चौरसिया को इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर जमानत मिली थी, जिसमें उन्हें राज्य से बाहर रहने का निर्देश दिया गया था। वह वर्तमान में बंगलुरू में रह रही थीं और हर महीने कोर्ट में पेश हो रही थीं। अब 287 दिन बाद वह फिर से जेल जाएंगी।
इससे पहले सौम्या 1,164 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़े चार मामलों में 822 दिन तक रायपुर केंद्रीय जेल में बंद रह चुकी हैं। उन्हें 3 मार्च को जमानत मिली थी। ईडी के अनुसार सौम्या पर अब तक 4,364 करोड़ रुपये के घोटालों में शामिल होने का आरोप है, जिनमें अवैध कोल लेवी, डीएमएफ घोटाला, आय से अधिक संपत्ति और शराब घोटाला शामिल हैं।
एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ईडी फर्जी एफआईआर दर्ज कर विपक्ष को फंसाने की कोशिश कर रही है। बघेल ने दावा किया कि ईओडब्ल्यू एक फरार आरोपी को जज के सामने बयान दिलाने लाई थी, लेकिन संज्ञान से पहले ही आरोपी और अधिकारी अदालत से चले गए। उन्होंने इसे साजिश बताते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
लखमा की रिमांड 14 दिन बढ़ी
वहीं जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को करीब 11 महीने बाद बुधवार को ईडी कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उनकी न्यायिक रिमांड 14 दिन के लिए बढ़ा दी है। इस दौरान लखमा ने इलाज के लिए जेल से बाहर नहीं ले जाने पर विरोध भी दर्ज कराया।










