रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में आज सुबह से भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का सबसे बड़ा ऑपरेशन शुरू हो गया। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) की संयुक्त टीमों ने रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा, दुर्ग समेत पूरे राज्य के 25 से अधिक ठिकानों पर तड़के 5 बजे से एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई पिछले एक साल से चल रही पटवारी से RI (राजस्व निरीक्षक) पदोन्नति में लाखों-करोड़ों के कथित लेन-देन और विशेष सेटिंग के मामले में की गई है।
सबसे ज्यादा फोकस बिलासपुर संभाग पर रहा। यहाँ एक ही परिवार के 3 से 4 सदस्यों के घरों-दफ्तरों पर छापा पड़ा। इनमें से सभी कुछ ही समय में पटवारी से RI बन गए। इनके ससुराल पक्ष की दो महिला RI भी रडार पर हैं। सूत्रों के अनुसार इन लोगों ने लाखों रुपये देकर स्पेशल प्रमोशन करवाया था। एक विवादित पटवारी भी इस नेटवर्क का हिस्सा है, जिसके नाम पहले से ही कई शिकायतें थीं। पिछले शासनकाल में यह सेटिंग रैकेट खूब फल-फूल रहा था।
छापेमारी के दौरान नकदी, जेवर और प्रॉपर्टी के दस्तावेज, बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप और पेन ड्राइव और पदोन्नति फाइलों की कॉपियां और संदिग्ध चिट्ठियां बरामद हुई है।
ACB के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमारे पास ठोस सबूत हैं कि पटवारी से RI बनने की लाइन में करोड़ों का खेल हुआ है। आज की कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। दस्तावेजों की जांच के बाद कई और बड़े नाम सामने आएंगे।”
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निर्देश पर चल रही इस सफाई मुहिम से विभाग के बड़े-बड़े अधिकारी तक घबराए हुए हैं। कई RI और नायब तहसीलदारों ने आज अचानक छुट्टी डाल दी। मुख्य सचिव स्तर पर भी इस कार्रवाई की लगातार मॉनिटरिंग हो रही है।








