नई दिल्ली: पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने आखिरकार स्वीकार कर लिया है कि भारतीय सेना द्वारा किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ उसके अस्तित्व पर अब तक का सबसे बड़ा और विनाशकारी हमला था। मुरीदके स्थित लश्कर के मुख्यालय ‘मरकज़-ए-तैयबा’ में आयोजित 29वें दीक्षांत समारोह के दौरान, शीर्ष कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ ने सार्वजनिक रूप से इस दर्द को बयां किया।
“अल्लाह ने हमें बचा लिया” – आतंकी रऊफ का कुबूलनामा
वैश्विक आतंकी अब्दुल रऊफ, जो हाफिज सईद का बेहद करीबी माना जाता है, ने अपने संबोधन में कहा कि 6-7 मई 2025 की रात मुरीदके में जो हुआ वह “अकल्पनीय और घातक” था। रऊफ ने स्वीकार किया कि भारतीय मिसाइलों ने सीधे मस्जिद और मुख्यालय के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। उसने कहा, “यह सबसे बड़ा हमला था, लेकिन अल्लाह ने हमें बचा लिया। बच्चे वहां नहीं थे, उन्हें पहले ही हटा लिया गया था।”
पहलगाम नरसंहार का ‘सटीक प्रतिशोध’
बता दें कि अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने कायराना हमला कर 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इस घटना के जवाब में भारत ने 6-7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया।
- लक्ष्य: पाकिस्तान और PoK में स्थित 9 प्रमुख आतंकी ठिकाने।
- प्रमुख मार: मुरीदके (LeT मुख्यालय) और बहावलपुर (JeM ठिकाना) पर सटीक मिसाइल हमले।
- नतीजा: लश्कर का प्रमुख आतंकी मुदस्सर खडियान खास (अबू जंदाल) समेत कई शीर्ष कमांडर ढेर।
पाक सेना की पोल खुली: जनाजे में शामिल हुए थे अधिकारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रऊफ ने ही मारे गए आतंकियों के जनाजे का नेतृत्व किया था। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस जनाजे में पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी वर्दी में शामिल हुए थे, जिससे एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान और आतंकियों की ‘जुगलबंदी’ बेनकाब हो गई है।
ब्रह्मोस का कहर: जब शहबाज सरकार ने टेके घुटने
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने चीनी मिसाइलों और तुर्की के ड्रोन्स के जरिए भारत पर पलटवार की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय डिफेंस सिस्टम ने उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके बाद भारत ने और भी आक्रामक रुख अपनाते हुए ब्रह्मोस मिसाइलों से पाकिस्तान के 11 आर्मी बेस को तबाह कर दिया।








