रायपुर। राजधानी रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत काशीराम नगर निवासी गाँड़ा समाज की एक निर्दोष युवती की लाश पुलिस कॉलोनी के निकट अमलीडीह में मिलने की जानकारी पर अत्यंत दुःख व्यक्त और घटना की कड़ी निंदा करते हुए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के मुख्य प्रवक्ता व सामाजिक न्याय कार्यकर्ता अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि “राजधानी रायपुर में खुलेआम अनुसूचित जाति वर्ग की एक बेटी की निर्मम हत्या करके पुलिस कॉलोनी के पास फेंक दिया जाना, इससे अधिक दुःखद और शर्मनाक कोई घटना नहीं हो सकती। यह घटना दर्शाती है कि आज राजधानी में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्हें कानून-व्यवस्था, पुलिस या प्रशासन का कोई भय नहीं रह गया है। वे निडर और बेखौफ होकर ऐसी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।”
उन्होंने इस घटना में पुलिस की लापरवाही की ओर ध्यान दिलाते हुए आरोप लगाया कि मिली जानकारी के अनुसार “पीड़ित परिजनों द्वारा तीन दिन से अधिक समय से युवती के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी और अपहरण की आशंका जताई गई थी लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई। यदि समय रहते युवती की तलाश और जांच की गई होती, तो शायद उस निर्दोष की जान बचाई जा सकती थी।”
इस पूरे प्रकरण में न्याय सुनिश्चित करने के लिए भगवानू नायक ने 1. इस हत्या के मामले की एक उच्चस्तरीय जाँच, 2. दोषियों की तत्काल गिरफ़्तारी , 3. पीड़ित परिवार को तत्काल 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की माँग की है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा से अपील की कि वे तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करें और न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ रही है और ऐसे में आम जनता, विशेषकर महिलाएं, स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।









