देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को झटका दिया है। अब दूसरे बैंकों के ATM से पैसे निकालना पहले के मुकाबले महंगा हो गया है। SBI ने नॉन-SBI ATM इस्तेमाल करने पर लगने वाले चार्ज में बढ़ोतरी कर दी है, जिसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।
SBI के मुताबिक, ATM और ADWM (ऑटोमेटेड डिपॉजिट कम विदड्रॉल मशीन) पर लगने वाली इंटरचेंज फीस बढ़ाई गई है। इंटरचेंज फीस वह राशि होती है जो एक बैंक को दूसरे बैंक के ATM इस्तेमाल करने पर चुकानी पड़ती है। इसी बढ़े हुए खर्च का बोझ अब ग्राहकों पर डाल दिया गया है।
आम सेविंग अकाउंट धारकों पर क्या असर पड़ेगा?
SBI ने नॉन-SBI ATM से मिलने वाली फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया है। सेविंग अकाउंट धारक हर महीने पहले की तरह 5 फ्री ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। लेकिन फ्री लिमिट खत्म होने के बाद कैश निकालने पर अब 23 रुपये + GST देना होगा, जो पहले 21 रुपये था। बैलेंस चेक या मिनी स्टेटमेंट जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर अब 11 रुपये + GST लगेंगे, जो पहले 10 रुपये थे।
सैलरी अकाउंट धारकों को लगा बड़ा झटका
SBI के सैलरी पैकेज अकाउंट रखने वालों के लिए यह बदलाव ज्यादा असरदार है। अब तक इन्हें नॉन-SBI ATM पर अनलिमिटेड फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलती थी, लेकिन यह सुविधा खत्म कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत सैलरी अकाउंट धारकों को अब महीने में कुल 10 फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे, जिसमें कैश विदड्रॉल और बैलेंस चेक दोनों शामिल होंगे। इसके बाद बढ़ा हुआ चार्ज लागू होगा।
किन ग्राहकों को मिली राहत?
- बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट धारकों पर कोई नया चार्ज नहीं लगाया गया है।
- SBI के डेबिट कार्ड से SBI के ही ATM पर लेन-देन करने वालों के लिए भी नियम जस के तस बने हुए हैं।









