बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिल सकी है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सौम्या चौरसिया की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। सौम्या चौरसिया की ओर से अग्रिम जमानत की मांग की गई थी, जिसका ACB-EOW ने कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका को निरस्त कर दिया।
गौरतलब है कि 16 दिसंबर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सौम्या चौरसिया को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन शाम होते-होते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अब बुधवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
शराब घोटाला मामले में ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है, जिसमें 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का आरोप लगाया गया है। जांच में ED ने दावा किया है कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए इस घोटाले को अंजाम दिया गया।
गौर करने वाली बात यह है कि सौम्या चौरसिया कोयला घोटाला मामले की भी मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। इससे पहले मई महीने में सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत देते हुए सौम्या चौरसिया समेत छह आरोपियों को रिहा किया था। उस दौरान कोर्ट ने उन्हें राज्य से बाहर रहने के निर्देश भी दिए थे।








