बलरामपुर। जिले के हंसपुर गांव में कथित मारपीट की घटना में घायल एक बुजुर्ग ग्रामीण की इलाज के दौरान कुसमी अस्पताल में मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।
SDM के दौरे के दौरान हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुसमी एसडीएम करुण डहरिया और नायब तहसीलदार पारस शर्मा गांव के दौरे पर पहुंचे थे। इसी दौरान प्रशासनिक टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति बनी। आरोप है कि कहासुनी मारपीट में बदल गई, जिसमें तीन ग्रामीण घायल हो गए। घायलों में शामिल एक बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य का उपचार जारी है। घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है।
चार आरोपियों पर मामला दर्ज
पुलिस जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण, पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कुसमी थाना में चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपियों में –
- एसडीएम करुण डहरिया
- विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह (पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष, कुसमी)
- मंजीत कुमार यादव
- सुदीप यादव
बताया जा रहा है कि घटना के समय एसडीएम के साथ विक्की सिंह, सुदीप यादव और मंदीप यादव थार वाहन में सवार होकर गांव पहुंचे थे।
नायब तहसीलदार पर FIR नहीं
हालांकि, नायब तहसीलदार पारस शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि वे मौके पर मौजूद थे, लेकिन मारपीट में उनकी संलिप्तता के साक्ष्य नहीं मिले।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बॉक्साइट खनन के नाम पर ग्रामीणों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन पर दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








