रायपुर। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण एक तरफ जहां गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत चल रही है और आम जनता रीफिलिंग के लिए परेशान है, वहीं दूसरी तरफ आपदा में अवसर तलाश रहे कालाबाजारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। खाद्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर की तीन बड़ी गैस एजेंसियों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की। इस दौरान भारी अनियमितता पाए जाने पर एक एजेंसी को तत्काल सील कर दिया गया, वहीं अन्य दो एजेंसियों में भी रिकॉर्ड की बड़ी हेराफेरी पकड़ी गई है।
दस्तावेजों में हेरफेर, गोदाम से मिले 936 अघोषित सिलेंडर
खाद्य विभाग के अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर की कुछ गैस एजेंसियों द्वारा घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी की जा रही है। इस सूचना पर राज्य खाद्य विभाग के सहायक संचालक सचिन मारकम और सहायक खाद्य अधिकारी देवेन्द्र बग्गा के नेतृत्व में जिला खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने तीन ठिकानों पर दबिश दी:
- मौर्य गैस एजेंसी (भारत गैस) – नरहदा
- कान्हा गैस एजेंसी – अवंति विहार
- लक्ष्मी गैस एजेंसी – बैरन बाजार
मौर्य गैस एजेंसी पर गिरी गाज, तत्काल किया गया सील
नरहदा स्थित मौर्य गैस एजेंसी के गोदाम की जब जांच की गई, तो वहां मौजूद अधिकारी भी दंग रह गए। जांच टीम को मौके से 883 घरेलू गैस सिलेंडर और 53 व्यावसायिक (कमर्शियल) गैस सिलेंडर अतिरिक्त मिले, जिनका एजेंसी के किसी भी दस्तावेज या कंपनी से आए स्टॉक रजिस्टर में कोई लेखा-जोखा नहीं था। इसके अलावा गोदाम के सूचना बोर्ड पर दैनिक स्टॉक की एंट्री भी गायब थी। नियमों की धज्जियां उड़ाने पर विभाग ने इस एजेंसी को तत्काल सीलबंद (Seal) कर दिया।
कान्हा और लक्ष्मी गैस एजेंसी में भी ऑनलाइन रिकॉर्ड फेल
मौर्य गैस एजेंसी के बाद टीम ने कान्हा गैस और लक्ष्मी गैस एजेंसी के दफ्तरों व गोदामों पर धावा बोला। इन दोनों नामचीन एजेंसियों में भी दस्तावेज संधारण (रिकॉर्ड मेंटेनेंस) की भारी कमी पाई गई। शुरुआती जांच में ऑनलाइन रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद फिजिकल स्टॉक में भारी अंतर (गड़बड़ी) मिला है। इन दोनों एजेंसियों से जब्त सिलेंडरों का अंतिम आंकड़ा आना अभी बाकी है।
महासमुंद गैस घोटाले से जुड़ रहे हैं तार?
इस छापेमारी के बाद यह साफ हो गया है कि सिलेंडरों की कालाबाजारी सिर्फ छोटे-मोटे वेंडर नहीं, बल्कि बड़ी एजेंसियों के संचालक खुद कर रहे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में हुए महासमुंद गैस घोटाला मामले में भी संदेह के घेरे में आई लगभग 15 गैस एजेंसियों की पुलिस गोपनीय तरीके से जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि महासमुंद से चुराई गई गैस को रायपुर की इन एजेंसियों के माध्यम से खपाया जा रहा था।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: अपर कलेक्टर
“तीन गैस एजेंसियों में छापेमारी की गई है और तीनों ही जगहों पर गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। इनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है। जहां तक महासमुंद गैस घोटाले के तार रायपुर से जुड़ने का सवाल है, तो फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। उस क्षेत्र की पुलिस जांच कर रही है, यदि जांच में रायपुर की किसी एजेंसी का नाम सामने आता है, तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा।” — कीर्तिमान सिंह राठौर, अपर कलेक्टर, रायपुर










