बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक महिला नेत्री ने झारखंड के एक कारोबारी के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और करोड़ों रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है। पीड़िता की शिकायत पर बिलासपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कारोबारी को झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है और अब मामले की कड़ाई से जांच की जा रही है।
दिल्ली दौरे के दौरान हुई थी मुलाकात
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, उनका राजनीतिक और निजी कार्यों के सिलसिले में दिल्ली आना-जाना लगा रहता था। करीब दो साल पहले दिल्ली में ही उनकी मुलाकात रांची (झारखंड) के निवासी और कारोबारी संजय सिंह से हुई थी। आरोपी संजय सिंह ने खुद को एक रसूखदार और बड़ा उद्योगपति बताया था। उसने महिला नेत्री को झांसा दिया कि वह माइनिंग (खनन) के कारोबार में है और अगर वे निवेश करती हैं, तो उन्हें भारी मुनाफा होगा। इसी मुनाफे के लालच और भरोसे के जाल में फंसकर दोनों के बीच बातचीत और संपर्क बढ़ता चला गया।
विश्वास जीतकर किया शारीरिक और मानसिक शोषण
महिला नेत्री का आरोप है कि आरोपी संजय सिंह ने पहले उनका भरोसा जीता और फिर नजदीकियों का फायदा उठाकर उनके साथ कई बार दुष्कर्म किया। शारीरिक शोषण के साथ-साथ आरोपी उन्हें लगातार मानसिक रूप से भी प्रताड़ित करता रहा।
माइनिंग के नाम पर ₹2.50 करोड़ की बड़ी ठगी
धोखाधड़ी के वित्तीय पहलू का खुलासा करते हुए पीड़िता ने बताया कि माइनिंग कारोबार में ऊंचे रिटर्न का लालच देकर आरोपी ने उनसे अलग-अलग किश्तों में मोटी रकम एंठी। बैंक ट्रांसफर (RTGS) और अन्य माध्यमों के जरिए आरोपी ने महिला से कुल ₹2.50 करोड़ की भारी-भरकम राशि हड़प ली। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी महिला नेत्री ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी का असली चेहरा सामने आ गया। उसने पैसे लौटाने के बजाय महिला को डराना-धमकाना और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
डिजिटल और बैंक रिकॉर्ड्स खंगाल रही पुलिस
लगातार मिल रही धमकियों और प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार महिला नेत्री ने बिलासपुर के संबंधित थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। बिलासपुर सीएसपी (CSP) निमितेश सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया:
“शिकायत के आधार पर पुलिस की एक टीम ने आरोपी संजय सिंह को झारखंड से हिरासत में लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस दोनों के बीच की मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। तकनीकी और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
इस घटना के बाद से बिलासपुर और प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है, और पुलिस वित्तीय धोखाधड़ी के इस जाल में अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका को लेकर भी तफ्तीश कर रही है।










