अंबिकापुर/कुसमी। कथित मारपीट के बाद आदिवासी बुजुर्ग की मौत से कुसमी में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। घटना के विरोध में सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। संगठन ने कुसमी बंद का आह्वान किया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिव चौक पर चक्का जाम, मुआवजे और कार्रवाई की मांग
कुसमी के शिव चौक पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
मृतक के आश्रितों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा
परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी
मारपीट के आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी सजा
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
विवादों में रहे एसडीएम करुण डहरिया
हत्या के आरोप में हिरासत में लिए गए एसडीएम करुण डहरिया पहले भी कई विवादों में घिर चुके हैं। वर्ष 2022 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने उन्हें 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उस समय वे गरियाबंद जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ थे। आरोप था कि उन्होंने बोरवेल खनन का बिल पास करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें निलंबित किया गया, हालांकि बाद में जमानत पर रिहा होने के पश्चात बहाल कर दिया गया। जांजगीर-चांपा जिले में एसडीएम पामगढ़ रहते हुए स्कूली छात्रों को कथित रूप से धमकाने का मामला भी चर्चा में रहा। कुसमी में पदस्थापना के दौरान अवैध इमारती लकड़ी से जुड़े ट्रक को छोड़ने के एवज में लगभग छह लाख रुपये वसूली के आरोप भी लगे थे। इस मामले में एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई थी, जिसकी शिकायत एसीबी और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो से की गई थी। हालांकि, इन सभी मामलों में एसडीएम ने आरोपों से इनकार किया था।
प्रशासन अलर्ट, जांच जारी
मौजूदा घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कुसमी में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।








