रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। एक मां, जिसे बच्चों का सबसे सुरक्षित आश्रय माना जाता है, उसी ने अपने ढाई साल के बेटे अनुज की बेरहमी से हत्या कर दी।
क्या है पूरा मामला?
घटना 19 अप्रैल की है, जब आरोपी महिला सोनमती मंझवार अपने दो बच्चों के साथ मायके जाने के लिए निकली थी। रास्ते में उसने अपनी साढ़े चार साल की बेटी को वापस घर भेज दिया और छोटे बेटे अनुज को लेकर जंगल की ओर चली गई। जब शाम तक महिला और बच्चा घर नहीं लौटे, तो पिता बोधसाय मंझवार ने ग्रामीणों के साथ तलाश शुरू की।
अगले दिन महिला अकेले घर लौटी और बच्चे के बारे में पूछने पर गुमराह करने लगी। शक होने पर जब ग्रामीणों ने जंगल में खोजबीन की, तो रानीगौवा पहाड़ की पगडंडी के पास मासूम अनुज का लहूलुहान शव एक गहरी खाई में मिला। मासूम का सिर पत्थर से कुचला गया था।
गुस्से में ली मासूम की जान
पुलिस की कड़ी पूछताछ में महिला ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला था। महिला ने बताया कि वह बच्चे को लेकर पैदल पहाड़ चढ़ रही थी।थकान की वजह से उसने बच्चे को पैदल चलने को कहा। जब ढाई साल का मासूम थककर जमीन पर बैठ गया, तो मां को इतना गुस्सा आया कि उसने बच्चे को जमीन पर पटक दिया। इसके बाद पत्थर से उसके सिर पर वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। कापू पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा “यह एक जघन्य और अमानवीय अपराध है। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और उसे कानून के दायरे में लाया गया है।”










