राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के खैरा गांव ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है। गांव के सभी 141 पक्के मकानों की छतों पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाए गए हैं। खास बात यह है कि इस पूरे अभियान में किसी भी परिवार को अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ा। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी के साथ कंपनियों के CSR फंड से शेष लागत पूरी की गई है।
करीब 889 की आबादी वाले इस गांव के हर घर में 2 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया गया है। इन सभी सिस्टम की कुल क्षमता 282 किलोवाट है। इसके साथ ही खैरा गांव ने पारंपरिक बिजली ग्रिड पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
हर घर की छत से पैदा होगी सौर बिजली
खैरा गांव के घरों में लगाए गए सोलर सिस्टम नेट मीटरिंग तकनीक से जुड़े हैं। इस व्यवस्था के तहत दिन में सोलर पैनल से बनने वाली बिजली पहले घर की जरूरतों को पूरा करेगी। इसके बाद अतिरिक्त बिजली सीधे बिजली ग्रिड में भेज दी जाएगी।
इस तकनीक से परिवारों को बिजली के खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही अतिरिक्त बिजली का उपयोग भी ग्रिड के माध्यम से किया जा सकेगा।
सरकारी सब्सिडी और CSR फंड से लगा सोलर सिस्टम
इस अभियान की सबसे खास बात इसकी वित्तीय व्यवस्था है। सोलर पैनल लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी दी गई। इसके बाद बची हुई लागत को कंपनियों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के माध्यम से पूरा किया गया।
इस तरह गांव के किसी भी परिवार को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ा।
पद्मश्री पुलबासन बाई यादव और महिला समूहों की अहम भूमिका
खैरा गांव को सोलर विलेज बनाने के अभियान में पद्मश्री पुलबासन बाई यादव और स्थानीय महिला समूहों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
‘सूर्य सखौ’ और ‘सूर्य सभा’ के माध्यम से महिलाओं ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को सोलर ऊर्जा के फायदे समझाए। उन्होंने सोलर सिस्टम की लागत, रखरखाव और इससे मिलने वाले लाभ को लेकर ग्रामीणों की शंकाओं को दूर किया। इससे अभियान को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने में मदद मिली।
PM आवास के 93 घर भी सौर ऊर्जा से जुड़े
खैरा गांव के कुल 141 सोलर युक्त घरों में से 93 मकान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत बनाए गए हैं। इन घरों को भी सोलर ऊर्जा से जोड़ा गया है।
इसके अलावा गांव के 21 अनुसूचित जनजाति और 4 अनुसूचित जाति के परिवारों को भी इस पहल का लाभ मिला है। इससे अलग-अलग सामाजिक वर्गों के परिवारों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिली है।
कलेक्टर ने बताया सामूहिक प्रयास का परिणाम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजनांदगांव कलेक्टर जितेंद्र यादव ने बताया कि सोलर सिस्टम लगवाने के लिए परिवारों को अपनी जेब से कोई राशि खर्च नहीं करनी पड़ी। इस अभियान में सरपंच का भी सहयोग मिला।
खैरा गांव की यह पहल बताती है कि सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक सहयोग, CSR फंड और सामुदायिक भागीदारी के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा सकता है। अब गांव का हर घर अपनी छत से बिजली पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।









