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खनिज से ‘टेक हब’ बनने की ओर छत्तीसगढ़: CM विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तैयार हुआ ‘AI विजन’, नवा रायपुर में बनेगा देश का पहला AI डेटा सेंटर पार्क

रायपुर:

खनिज संसाधनों के लिए पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक व्यापक ‘AI विजन’ तैयार किया है। इसके तहत युवाओं के कौशल विकास, उच्च तकनीकी रोजगार, स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सुशासन को एक साथ जोड़कर भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखी जा रही है।

1. शिक्षा और युवाओं के लिए बड़े कदम

  • स्कूलों में AI शिक्षा (Google India से करार): राज्य सरकार ने Google India के साथ समझौता कर AI-सक्षम शिक्षा अभियान की शुरुआत की है। इसके पहले चरण में रायपुर संभाग के 200 से अधिक सरकारी शिक्षकों को ‘Google for Education Tools’ के जरिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
  • मुख्यमंत्री IT Fellowship: IIIT नवा रायपुर के सहयोग से शुरू इस कार्यक्रम में 100 प्रतिभाशाली स्थानीय छात्रों को AI एवं डेटा साइंस में M.Tech कराया जा रहा है। सरकार चयनित छात्रों को ₹50,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड, 100% ट्यूशन फीस माफी और लाइव सरकारी प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर दे रही है।

2. स्टार्टअप और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा

  • ₹100 करोड़ का Startup Capital Fund: वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक स्टार्टअप्स विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • आकर्षक सब्सिडी: IT और AI कंपनियों को 50% तक फिक्स्ड कैपिटल सब्सिडी (अधिकतम ₹450 करोड़), R&D उपकरणों पर 20% सब्सिडी और 100% स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जा रही है।
  • स्थानीय रोजगार पर प्रोत्साहन: local युवाओं के लिए 10 या उससे अधिक तकनीकी रोजगार सृजित करने वाले स्टार्टअप्स को ₹10 लाख का वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा।

3. नवा रायपुर में देश का पहला AI Data Center Park

नवा रायपुर अटल नगर के 13.5 एकड़ क्षेत्र में ₹1,000 करोड़ के शुरुआती निवेश से देश का पहला समर्पित AI Data Center Park स्थापित किया जा रहा है।

प्रमुख विशेषताएं:

  • 100,000 से अधिक हाई-परफॉर्मेंस GPU
  • 80 मेगावाट की शुरुआती पावर क्षमता
  • लगभग 2,000 प्रत्यक्ष उच्च तकनीकी (High-Tech) रोजगार का सृजन

4. AI आधारित सुशासन और नागरिक सुविधाएं

  • ई-प्रगति पारस (Project Assessment Review and Analysis System): सरकारी परियोजनाओं और योजनाओं की रियल-टाइम निगरानी के लिए AI आधारित प्लेटफॉर्म लागू किया गया है, जो देरी होने पर स्वतः जवाबदेही तय करता है।
  • सेवा सेतु पोर्टल (Upgraded): QR आधारित प्रमाण पत्र सत्यापन, DigiLocker इंटीग्रेशन और AI आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिससे नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

5. कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

  • स्मार्ट कृषि व स्वास्थ्य: मिट्टी की सेहत (Soil Health Card) और मौसम के आंकड़ों का AI विश्लेषण कर किसानों को वैज्ञानिक सलाह दी जा रही है। वहीं बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ इलाकों में AI आधारित पोर्टेबल डायग्नोस्टिक उपकरणों से गंभीर बीमारियों की शुरुआती जांच हो रही है।
  • भारतनेट फेज-3 व कनेक्टिविटी: 4,114 ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर पहुंचाने का काम अंतिम चरण में है, जबकि दूरस्थ वनांचलों में 5,000 नए मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं।
  • Ease of Doing Business: ‘रिस्क-बेस्ड और ट्रस्ट-बेस्ड’ बिजनेस अप्रूवल सिस्टम के जरिए कंपनियों को स्व-घोषणा (Self-declaration) के आधार पर तेजी से अनुमतियां मिल रही हैं।

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