धमतरी, 18 मई 2026। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने और आरोपियों की गिरफ्तारी करने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। इस हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान उप-वनमंडल अधिकारी (DFO) वरुण जैन को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया, जिससे इलाके में भारी हड़कंप मच गया। हालात को बेकाबू होते देख मौके पर तत्काल सिहावा पुलिस बल को तैनात करना पड़ा।
जैतपुरी गांव में कार्रवाई के दौरान घेराव और धक्का-मुक्की
यह पूरा घटनाक्रम सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जैतपुरी गांव का है। वन विभाग की टीम यहाँ चिन्हित किए गए अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और कुछ मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से पहुंची थी।
जैसे ही डीएफओ वरुण जैन के नेतृत्व में टीम ने गांव में कदम बढ़ाया, तभी बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ मौके पर इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते ग्रामीणों ने पूरी टीम को चारों तरफ से घेर लिया। आरोप है कि आक्रोशित भीड़ ने डीएफओ जैन के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें निशाना बनाने का प्रयास किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सैटेलाइट और ड्रोन सर्वे में हुआ था महाघोटाले का खुलासा
वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई के पीछे एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट थी। हाल ही में किए गए सैटेलाइट इमेजरी (Satellite Imagery) और ड्रोन सर्वे के जरिए जैतपुरी क्षेत्र में पर्यावरण को पहुंचाए गए भारी नुकसान का पर्दाफाश हुआ था:
- पेड़ों की अंधाधुंध कटाई: रिजर्व फॉरेस्ट के भीतर करीब 1 लाख से अधिक पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया।
- विशाल भू-भाग पर कब्जा: लगभग 106 हेक्टेयर वन भूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण की चपेट में ले लिया गया था।
- 166 लोगों पर केस: इस गंभीर मामले की जांच के बाद वन विभाग ने कुल 166 स्थानीय लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की थी, जिसके तहत आज गिरफ्तारी करने टीम गांव पहुंची थी।
भारी पुलिस बल ने वन विभाग की टीम को सुरक्षित निकाला
स्थिति को बिगड़ता और तनाव बढ़ता देख सीनियर अधिकारियों ने तुरंत सिहावा थाना पुलिस को आपातकालीन सूचना दी। इसके बाद भारी मात्रा में अतिरिक्त पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सूझबूझ से काम लेते हुए आक्रोशित ग्रामीणों को पीछे धकेला और डीएफओ वरुण जैन सहित पूरी टीम को सुरक्षित घेरे से बाहर निकाला।
वन विभाग का आधिकारिक पक्ष:
“उदंती-सीतानदी एक संरक्षित टाइगर रिजर्व क्षेत्र है। यहाँ लगातार जंगल की कटाई और अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। इस अति-संवेदनशील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर खेती और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं, जिससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति हुई है। यह कार्रवाई पूरी तरह से वैधानिक थी।”
प्रशासन सख्त, वीडियो फुटेज से होगी आरोपियों की पहचान
डीएफओ स्तर के अधिकारी पर हुए इस हमले को जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। घटना के तुरंत बाद आला अधिकारियों ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है। पुलिस विभाग के अनुसार, मौके पर किए गए वीडियो फुटेज, ड्रोन कैमरों के रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर हमलावरों और सरकारी काम में बाधा डालने वाले उपद्रवियों की पहचान की जा रही है, जिनके खिलाफ जल्द ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










