रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लगातार हाथियों के खुले गड्ढो और कुओं में गिरने की घटनाओं का स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए है।
बता दे कि प्रदेश में लगातार हाथियों के गड्ढो में गिरने की घटनाएं सामने आ रही है। अभी हाल ही में बलौदाबाजार जिले के बार नवापारा में हाथी के बच्चे खुले गड्ढे में गिर गए थे। रायगढ़ जिले में एक हाथी के शावक की कीचड़ में फंसकर मौत तक हो गई थी। जिसपर अब कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की अगुवाई वाली बेंच ने 12 नवंबर को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से पूछा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। शासन की ओर से अदालत को बताया गया, कि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचने के लिए निरीक्षण और निगरानी बढ़ाई जा रही है। बलौदाबाजार के ग्राम हरदी में खुले कुएं में गिरे तीन हाथियों और एक शावक को जेसीबी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया था यह जानकारी भी शासन ने दी है।
लेकिन सरकार ने यह स्वीकार किया कि राज्य के वन क्षेत्रों में बसे हुए गांवों में करीब 20 हजार खुले एवं सूखे कुएं मौजूद हैं। जिन्हें बंद करने या ढंकने की कोई ठोस योजना अब तक सरकार या वन विभाग की ओर से नहीं बनायी गई है। इस पर अदालत ने नाराजगी जताई और कहा, कि वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।










