Trendingछत्तीसगढबड़ी खबर

रायपुर कलेक्टोरेट में हाई-वोल्टेज ड्रामा: नकटी के विस्थापितों ने मुख्य गेट घेरा, अफसरों को ‘चोर रास्ते’ से निकाला बाहर; 24 घंटे का अल्टीमेटम

पॉलिटिकल डेस्क, रायपुर।

राजधानी रायपुर के ग्राम नकटी में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बाद विस्थापित किए गए प्रभावित परिवारों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। नया रायपुर के छोटे फ्लैट्स में रहने से इनकार करते हुए प्रभावित परिवारों ने बुधवार को कलेक्टोरेट परिसर का घेराव कर दिया और मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। आंदोलन इस कदर उग्र था कि शाम को दफ्तर का समय खत्म होने के बाद कलेक्टोरेट के अधिकारियों और कर्मचारियों को पीछे के रास्ते (टाउन हॉल की तरफ) से चुपके से बाहर निकालना पड़ा। इसके लिए परिसर में लगे लोहे के वाहन अवरोधकों को भी काटना पड़ा।

ढाई डिसमिल जमीन और मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण

प्रभावित परिवारों का कहना है कि नया रायपुर में दिए जा रहे छोटे फ्लैट्स उनके रहने लायक नहीं हैं। वे ग्राम नकटी या उसके आसपास के इलाके में ही ढाई डिसमिल जमीन और उचित मुआवजा राशि की मांग कर रहे हैं। अपनी इसी मांग को लेकर दोपहर करीब डेढ़ बजे 250 से 300 की संख्या में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं कलेक्टोरेट पहुंचे थे।

पुलिस ने लगाए बैरिकेड्स, अपर कलेक्टर की सलाह ठुकराई

आंदोलन की पूर्व सूचना मिलने के कारण कलेक्टोरेट के मुख्य गेट पर भारी पुलिस बल तैनात था और बैरिकेड्स लगाए गए थे। प्रदर्शनकारी सीधे कलेक्टर गौरव सिंह से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन भीड़ को देखते हुए अपर कलेक्टर उनसे ज्ञापन लेने पहुंचे। ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर लौटने से साफ मना कर दिया और वहीं मुख्य गेट के सामने जमीन पर बैठ गए। दोपहर से भूखे-प्यासे बैठे इन परिवारों के लिए रात के खाने की व्यवस्था कुछ सामाजिक संगठनों ने की और ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट के गेट पर ही डिनर किया।

कलेक्टर की समझाइश बेअसर, ग्रामीणों का 24 घंटे का अल्टीमेटम

रात करीब 9:15 बजे खुद कलेक्टर गौरव सिंह प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। काफी बातचीत के बाद कलेक्टर के निवेदन पर ग्रामीणों ने रात में धरना तो समाप्त कर दिया, लेकिन प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे दोबारा अनिश्चितकालीन घेराव और उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।

ग्रामीणों के खिलाफ बलवा का मामला दर्ज

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और बड़ी खबर है कि नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन के साथ हुई धक्का-मुक्की के मामले में पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ बलवा (दंगा और हिंसा) का केस दर्ज किया है। ग्रामीणों पर बुलडोजर में तोड़फोड़ करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है। गौरतलब है कि नकटी में प्रशासन ने करीब 80 मकानों को जमींदोज किया था, जिसके बाद से यह विवाद खड़ा हुआ है।

Related Posts

CG NEWS- अवैध करंट की फेंसिंग ने ली पिता-पुत्र की जान; बेटे को तड़पता देख बचाने दौड़े थे पिता, दोनों की मौके पर मौत

कवर्धा / सहसपुर लोहारा: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा) जिले से एक बेहद दर्दनाक और…

प्रोफेसर भेज रहा था अश्लील मैसेज, मंगेतर के साथ घर में घुसकर छात्रा ने चप्पलों से सुधारा भूगोल, वीडियो वायरल!

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के आदिवासी अंचल लैलूंगा से गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते…

1 of 406