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NH-43 बनी ‘नहर’, सड़क पर मछली पकड़ने उतरे लोग; पहली ही बारिश ने खोली बैकुंठपुर की जल निकासी व्यवस्था की पोल

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के मुख्यालय बैकुंठपुर में पहली ही बारिश ने प्रशासन के दावों और सड़क व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। जिस राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की रफ्तार दौड़नी चाहिए थी, वहां बारिश का पानी इस कदर जमा हुआ कि सड़क ने किसी नहर का रूप ले लिया। स्थिति इतनी अनोखी और बदतर हो गई कि लोग घुटनों तक भरे पानी में सड़क पर ही जाल लेकर मछली पकड़ने उतर गए। यह नजारा जहां राहगीरों के लिए कौतूहल का विषय बना रहा, वहीं यह शहर की जल निकासी व्यवस्था और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया।

राष्ट्रीय राजमार्ग-43 बना जलधारा

मिली जानकारी के अनुसार, बैकुंठपुर जिला मुख्यालय के संजय नगर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-43) पर पहली मानसूनी बारिश के बाद भारी जलभराव हो गया। ड्रेनेज सिस्टम (जल निकासी) के पूरी तरह ठप होने के कारण घुटनों तक पानी भर गया और सड़क किसी नदी या तेज बहाव वाली नहर की तरह नजर आने लगी। इसके चलते इस व्यस्त मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई।

वाहनों के बीच सड़क पर चली ‘मछली पकड़ने’ की होड़

संजय नगर के पास NH-43 की मुख्य सड़क पर जब पानी का बहाव तेज हुआ, तो पानी के साथ मछलियां भी सड़क पर बहकर आ गईं। इसे देख स्थानीय लोग और राहगीर वाहनों की आवाजाही के बीच ही सड़क पर उतर गए और मछलियां पकड़ने लगे। कोई हाथ से तो कोई बर्तन और जाल लेकर सड़क पर मछली ढूंढता नजर आया। हाइवे जैसी जगह पर मछली पकड़ने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

बार-बार की शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान

स्थानीय निवासियों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों और दुकानदारों का कहना है कि यह कोई पहली बार की समस्या नहीं है। हर साल बारिश के मौसम में इस इलाके में भारी जलभराव होता है। इस गंभीर समस्या को लेकर नगर पालिका और संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन आज तक पानी निकासी का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

पहली ही बारिश में राष्ट्रीय राजमार्ग का जलधारा में तब्दील हो जाना साफ तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और ठेकेदारों के घटिया निर्माण कार्य को दर्शाता है। लाखों-करोड़ों की लागत से बनने वाले नेशनल हाइवे पर पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होना जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है। स्थानीय लोगों ने अब शासन से इस जलभराव की समस्या से हमेशा के लिए निजात दिलाने की मांग की है।

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