जांजगीर-चांपा: धोखाधड़ी और गबन के मामले में न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू को बुधवार को बड़ी राहत मिली है। जांजगीर सेशन कोर्ट ने विधायक की जमानत याचिका स्वीकार कर ली, जिसके बाद वे जिला जेल से रिहा हो गए। जेल से बाहर निकलते समय विधायक साहू एक हाथ में भारत का संविधान और दूसरे हाथ में डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लिए नजर आए, जिसे उनके समर्थकों द्वारा शक्ति प्रदर्शन और संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
9 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी
विधायक बालेश्वर साहू को जांजगीर-चांपा पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर 9 जनवरी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 22 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। गिरफ्तारी के करीब 5 दिनों बाद उन्हें जमानत मिली है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2015 से 2020 के बीच का है, जब बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी समिति में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। किसान राजकुमार शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बालेश्वर साहू ने अपने सहयोगी गौतम राठौर के साथ मिलकर उनके KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन के नाम पर धोखाधड़ी की है। आरोप है कि किसान के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर अलग-अलग किस्तों में 42 लाख 78 हजार रुपये बैंक खाते से निकाल लिए गए। इस मामले में चाम्पा थाने में धारा 420 (धोखाधड़ी) और गबन के तहत मामला दर्ज किया गया था। विधायक के सहयोगी गौतम राठौर की गिरफ्तारी पुलिस पहले ही कर चुकी थी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
अक्टूबर माह में FIR दर्ज होने के बाद से ही इस मामले में गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई थी। रिहाई के बाद विधायक बालेश्वर साहू ने मीडिया से संक्षिप्त चर्चा में खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक षडयंत्र का हिस्सा करार दिया।









