सक्ती। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बुंदेली निवासी दीपक रात्रे का अंतिम संस्कार जम्मू-कश्मीर में ही कर दिया गया। पार्थिव शरीर गृहग्राम नहीं पहुंचने से परिजनों और ग्रामीणों में मायूसी और नाराजगी का माहौल है।
गांव में अंतिम विदाई की थी इच्छा
परिजनों ने प्रशासन से मांग की थी कि दीपक का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बुंदेली लाया जाए, ताकि परिवार, रिश्तेदार और ग्रामीण उन्हें अंतिम विदाई दे सकें। हालांकि, यह संभव नहीं हो सका और जम्मू-कश्मीर में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रोजी-रोटी की तलाश में गए थे जम्मू-कश्मीर
जानकारी के अनुसार, दीपक रात्रे रोजगार की तलाश में जम्मू-कश्मीर गए थे। कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले में उनकी मौत हो गई। इस हमले में छत्तीसगढ़ के एक अन्य मजदूर की भी जान गई। घटना के बाद प्रदेशभर में शोक की लहर है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
दीपक के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उनका एक भाई दिव्यांग है। ऐसे में घर की आर्थिक जिम्मेदारी दीपक के कंधों पर थी। उनकी असमय मृत्यु से परिवार गहरे सदमे में है और आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।










